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Aaj Samaj (आज समाज), World Food India-2023, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ में वर्ल्ड फूड इंडिया-2023 कार्यक्रम के साथ ही फूड स्ट्रीट का भी उद्घाटन किया। यह वर्ल्ड फूड इंडिया का दूसरा संस्करण है। कार्यक्रम पांच नवंबर तक चलेगा और इसके माध्यम से दुनिया के सामने क्षेत्रीय व्यंजन और शाही खानपान की विरासत को पेश करने का प्रयास किया जाएगा। 200 से अधिक शेफ इस कार्यक्रम में शामिल होकर पारंपरिक भारतीय व्यंजन पेश करेंगे। पांच नवंबर को कार्यक्रम का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।
कई देशों से मेहमान दिल्ली पहुंचे
वर्ल्ड फूड इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए कई देशों से मेहमान दिल्ली पहुंचे हैं। कार्यक्रम के उद्घघाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक लाख से अधिक एसएचजी सदस्यों को 380 करोड़ रुपए की प्रारंभिक पूंजी सहायता के वितरण की प्रक्रिया भी शुरू की। साथ ही उन्होंने अपनी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर कुछ उपलब्धियों का जिक्र भी किया। पीएम ने कहा, आज हमारा कृषि-निर्यात विश्व स्तर पर 7वें स्थान पर पहुंच गया है। बीते नौ वर्ष में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ के निर्यात में 150 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि तेज लग सकती है, लेकिन यह निरंतर व समर्पित प्रयासों का नतीजा है।
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़े हर क्षेत्र में वृद्धि
्रप्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार के कार्यकाल में भारत ने पहली बार कृषि-निर्यात नीति लागू की है। उन्होंने कहा, हमने पूरे भारत में लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे का एक नेटवर्क स्थापित किया है। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़ा ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जिसमें भारत ने वृद्धि न दर्ज की हो। ये फूड सेक्टर से जुड़ी हर कंपनी व स्टार्टअप के लिए सुनहरा मौका है।
देश में जितनी सांस्कृतिक विविधता, उतनी खाद्य विविधता भी
पीएम ने कहा, भारतीय महिलाओं में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को लीड करने की स्वाभाविक क्षमता है। इसके लिए हर स्तर पर महिलाओं को, कुटीर उद्योगों और एसएचजी को प्रमोट किया जा रहा है। भारत में जितनी सांस्कृतिक विविधता है, उतनी ही खाद्य विविधता भी है। उन्होंने कहा, हमारी ये खानपान की विविधता, दुनिया के हर इन्वेस्टर के लिए एक लाभदायक है।
जरूरत के मुताबिक योजनाएं महत्वाकांक्षी होना आवश्यक
भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ पैकेज्ड फूड की मांग भी बढ़ रही है। इन महत्वाकांक्षी नीतियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए आपकी योजनाएं भी उतनी ही महत्वाकांक्षी होनी चाहिए। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में, इसकी सफलता में योगदान देने वाले तीन मुख्य कारक हैं, छोटे किसान, छोटे उद्योग और महिलाएं।
मिलेट्स के भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचने की उम्मीद
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में मोटे अनाज का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, ‘मिलेट्स हमारी ‘सुपर फूड बकेट’ का हिस्सा है। भारत में हमने इसे अन्न की पहचान दी है। भारत की पहल पर आज दुनिया में एक बार फिर मिलेट्स को लेकर जागरूकता अभियान शुरू हुआ है। मोदी ने कहा, मुझे विश्वास है कि जैसे इंटरनेशनल योग दिवस ने योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया, वैसे ही अब मिलेट्स भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेंगे।
फूड सिक्योरिटी भी आज सबसे प्रमुख चुनौतियों में एक
पीएम ने कहा, टेस्ट और टेक्नोलॉजी का ये फ्यूजन एक नए भविष्य को जन्म देगा, एक नई इकोनॉमी को गति प्रदान करेगा। आज की बदलती दुनिया में 21वीं सदी की सबसे प्रमुख चुनौतियों में से एक फूड सिक्योरिटी भी है, इसलिए वर्ल्ड फूड इंडिया का यह आयोजन और भी अहम हो गया है। उन्होंने कहा, बीते 9 वर्षों में फूड इंडस्ट्री के सेक्टर में 50 हजार करोड़ का एफडीआई आया है। ये भारत सरकार की प्रो-इंडस्ट्री और प्रो फार्मर्स पॉलिसी का परिणाम है।
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