Haryana Nagar Nikay Election: हरियाणा निकाय चुनाव में ईवीएम पर नहीं लगी होगी वीवीपैट मशीन

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हरियाणा निकाय चुनाव में वोट डालने के बाद मतदाता यह नहीं देख सकेंगा कि वोट उसी उम्मीदवार को मिला जिसको उसने दिया। कारण अबकी बार ईवीएम पर वोटर वेरिफाइड पेपर आॅडिट ट्रॉयल (वीवीपैट) मशीन नहीं लगी होगी। मतदान ईवीएम के जरिए ही होगा।
हरियाणा निकाय चुनाव में वोट डालने के बाद मतदाता यह नहीं देख सकेंगा कि वोट उसी उम्मीदवार को मिला जिसको उसने दिया। कारण अबकी बार ईवीएम पर वोटर वेरिफाइड पेपर आॅडिट ट्रॉयल (वीवीपैट) मशीन नहीं लगी होगी। मतदान ईवीएम के जरिए ही होगा।

किसे मिला वोट नहीं देख सकेंगा मतदाता
Chandigarh News (आज समाज) चंडीगढ़: हरियाणा निकाय चुनाव में वोट डालने के बाद मतदाता यह नहीं देख सकेंगा कि वोट उसी उम्मीदवार को मिला जिसको उसने दिया। कारण अबकी बार ईवीएम पर वोटर वेरिफाइड पेपर आॅडिट ट्रॉयल (वीवीपैट) मशीन नहीं लगी होगी। मतदान ईवीएम के जरिए ही होगा।

बस ईवीएम से वीवीपैट मशीन को हटा दिया गया है। गौरतलब है कि हरियाणा में 10 नगर निगम समेत 41 निकायों में ईवीएम से वोटिंग होनी है। 9 नगर निगम समेत 40 निकायों में 2 मार्च को वोटिंग होगी। वहीं पानीपत नगर निगम में 9 मार्च को वोटिंग होगी। मतगणना एक साथ 12 मार्च को होगी।

वीवीपैट मशीन क्या है?

वोटर वेरीफाएबल पेपर आॅडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीवीपीएट) व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। यह व्यवस्था इसलिए है कि किसी तरह का विवाद होने पर ईवीएम में पड़े वोट के साथ पर्ची का मिलान किया जा सके। ईवीएम में लगे शीशे के एक स्क्रीन पर यह पर्ची सात सेकंड तक दिखती है।

सबसे पहले नागालैंड चुनाव में हुआ इस्तेमान

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड ने यह मशीन 2013 में डिजायन की थी। सबसे पहले इसका इस्तेमाल नागालैंड के चुनाव में 2013 में हुआ। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट मशीन बनाने और इसके लिए पैसे मुहैया कराने के आदेश केंद्र सरकार को दिए। चुनाव आयोग ने जून 2014 में तय किया किया अगले चुनाव यानी साल 2019 के चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा।

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