आरबीआई के स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आरबीआई की भूमिका पर डाला प्रकाश

Business News Today (आज समाज), बिजनेस डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुंबई में आयोजित रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के स्थापना दिवस के कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोलते हुए आरबीआई और केंद्र सरकार के आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। राष्टÑपति ने अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षित बैंकिंग वातावरण को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी की प्रगति के कारण वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ रहा है।

ऐसे में व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक और सरकार के बीच स्थायी साझेदारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह एक बढ़ती हुई चिंता है जिस पर निरंतर निगरानी की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि आरबीआई की पिछले 90 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा सरकार की दूरदर्शिता और नीतियों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई है।

बदलती आर्थिक स्थिति के चलते लगातार प्रयास जारी : मल्होत्रा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बदलती आर्थिक स्थिति में पहुंच का विस्तार, दक्षता में सुधार और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए बैंक लगातार काम कर रहा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 1 अप्रैल को केंद्रीय बैंक की 90वीं वर्षगांठ समारोह में अपने स्वागत भाषण में बोलते हुए कहा कि रिजर्व बैंक सभी चुनौतियों सामना करने और अनिश्चितताओं के बीच भविष्य के लिए सहासिक रास्ता तैयार करने के साथ ही सभी अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

पहले से ज्यादा बढ़ गई आरबीआई की भूमिका

इस अवसर पर संबोधित करते हुए मल्होत्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक की भूमिका पहले से कही अधिक विस्तारित हो गई है। आज हम परंपरा और परिवर्तन के संगम पर खड़े हैं, जहां मूल्य में स्थिरता, वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास की अनिवार्यताएं नई तकनीकी प्रगति और वैश्विक अनिश्चितताओं, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और बढ़ती सार्वजनिक अपेक्षाओं के साथ जोड़ती हैं।

वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के लिए आरबीआई प्रतिबद्ध

वित्तीय समावेश को बढ़ाने और उसे मजबूत करन के लिए हम प्रतिबद्ध है, जबकि यह वित्तीय स्थिरता और दक्षता का संतुलित करता है। उन्होंने कहा कि ग्राहक सेवाओं में लगातार सुधार और ग्राहक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों पर लगातार प्रयास करते रहेंग। वित्तीय स्थिरता और दक्षता के हितों को संतुलित करके हमारे नियामक ढांचे को अनुकूलित करने का हमारा प्रयास होगा और हम प्रौद्योगिकी और नवाचार का समर्थन करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगला दशक भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्तीय ढांचे के लिए महत्वपूर्ण होगा।