1971 में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी बंसीलाल ने गठित किया था हाउसिंग बोर्ड
Chandigarh News (आज समाज) चंडीगढ़: प्रदेश की नायब सरकार ने 54 वर्ष पुराने हाउसिंग बोर्ड को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में मर्ज कर दिया है। अब हाउसिंग बोर्ड हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम से जाना जाएगा। बोर्ड ने कुछ योजनाओं के लिए कई जगह जमीन एक्वायर की, लेकिन वह उन्हें पूरा नहीं कर पाया। ऐसे में लोगों ने पैसे मांगने शुरू किए, जिसकी वजह से देनदारी बढ़ गई।

इसलिए पूर्व एचएसवीपी से 200 करोड़ देने का समझौता हुआ। हाउसिंग बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी बंसीलाल 1971 में गठित किया था। बोर्ड ने करीब एक लाख फ्लैट बनाकर बेचे हैं, लेकिन धीरे-धीरे बोर्ड की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई और फ्लैट की क्वालिटी पर भी सवाल उठने लगे। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे समाप्त करने की मंजूरी दी थी। यह बोर्ड अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में शामिल हो गया है।

हाउसिंग बोर्ड के पास 300 एकड़ के करीब जमीन

हाउसिंग बोर्ड ने 31 मार्च 2025 तक हरियाणा में एक लाख फ्लैट बेचे थे। इसमें 10 हजार से ज्यादा अभी तक खाली पड़े हैं। बोर्ड के पास अभी करीब 30 जगहों पर 300 एकड़ जमीन पड़ी है, जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। बोर्ड बनाने का मकसद नो प्रोफिट-नो लॉस की नीति पर गरीबों को मकान मुहैया कराना था। बोर्ड ने अब तक हरियाणा में एक लाख फ्लैट बेचे हैं, लेकिन 10 हजार से ज्यादा खाली हैं। जिसके कारण 1 अप्रैल आते ही आवास बोर्ड का अस्तित्व प्रदेश में समाप्त हो गया।

1 अप्रैल से एचएसवीपी ने संभाला संचालन

बिजनेस एंड एडमिनिस्ट्रेशन ट्रांजैक्शन (व्यवसाय और प्रशासनिक परिवर्तन) विधानसभा की मंजूरी के बाद एचएसवीपी 1 अप्रैल, 2025 से हाउसिंग बोर्ड संचालन का पूर्ण प्रभार संभाल लिया है। वैधानिक संशोधन (स्टैचुरी अमेंडमेंट) एचएसवीपी अपने कानून में संशोधन किया गया और एसीएस, टीसीपी सीए, एचएसजीपी की देखरेख में सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किया गया।

जो पुरानी स्कीम चल रही है उनका एचएसवीपी करेगा संचालन

हरियाणा आवास बोर्ड के पास कोई नई स्कीम नहीं है। परंतु जो पुरानी चल रही हैं, उनका संचालन एचएसवीपी करेगा। पूर्व सैनिकों के लिए सांपला, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, आदि की स्कीम को रद्द कर किया जा चुका है। स्टाफ भी एचएसवीपी में मर्ज किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें : हरियाणा में फर्जी गरीबों को बीपीएल कैटेगरी से किया बाहर

ये भी पढ़ें : करनाल के शेखपुरा सुहाना गांव के सरपंच ने माई 11 सर्किल ऐप पर टीम बना जीते 3 करोड़ और थार