Business News Today : भारत के लिए फायदेमंद होगा आने वाला समय

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Business News Today : भारत के लिए फायदेमंद होगा आने वाला समय
Business News Today : भारत के लिए फायदेमंद होगा आने वाला समय

अन्य देशों के मुकाबले अमेरिका से व्यापार संबंधों को लेकर भारत को मजबूत बढ़त

Business News Today (आज समाज), बिजनेस डेस्क : भारत सहित विश्व की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आजकल जिस बात को लेकर दहशत का माहौल है वह है अमेरिका द्वारा लागू की गई नई टैरिफ नीति। अमेरिका ने अप्रैल से कई देशों के खिलाफ भारी भरकम टैरिफ नीति की घोषणा की है। इस नीति के तहत भारत पर भी अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद उतारने के लिए 26 प्रतिशत की दर से शुल्क देना होगा। हालांकि पहले भारतीय कंपनियां अमेरिका को नाममात्र का शुल्क ही देती थी।

अमेरिका की इसी घोषणा के चलते पिछले दो दिन में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। लेकिन विशेषज्ञ अमेरिका की इस नीति को भारत के लिए एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि 26 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारत दुनिया के प्रमुख लाभार्थियों की तुलना में शीर्ष पर रहेगा। इससे एक तो भारत को विनिर्माण में अपनी महारत हासिल करने में मदद मिलेगी। दूसरे, वैश्विक स्तर पर वे कंपनियां भारत की ओर रुख कर सकती हैं जो अमेरिका और चीन के साथ वियतनाम जैसे देशों के भारी टैरिफ से जूझ रही हैं।

इसलिए बढ़त हासिल कर सकता है भारत

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में भारत पर अपेक्षाकृत कम टैरिफ से चीन को नुकसान उठाना पड़ सकता है। चीन और वियतनाम में एपल या जो बड़ी कंपनियों के कॉन्ट्रेक्ट मेन्युफैक्चरर हैं, वे अब भारत का रुख कर सकते हैं। इससे भारत को विनिर्माण तंत्र खड़ा करने में मदद मिलेगी। ट्रंप से पहले बाइडेन प्रशासन ने भी चीन से बाहर विनिर्माण की पहल की थी। यह रुझान और तेज होगा। भारत का वर्तमान निर्यात 750-800 अरब डॉलर है और चीन का 3.3 लाख करोड़ डॉलर। इस स्थिति में भारत के पास वृद्धि के लिए पर्याप्त गुंजाइश है।

टैरिफ बढ़ने के बावजूद निर्यात में आएगी तेजी

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को निर्यात क्षमता बढ़ाने का अवसर कोविड-19 संकट के विपरीत, जिसने मांग और आपूर्ति दोनों को एक साथ झकझोर दिया, मौजूदा स्थिति आपूर्ति संचालित है, जो वैश्विक विनिर्माण में संरचनात्मक बदलावों से उपजी है। बढ़ती क्षमताओं और अनुकूल नीतियों के साथ भारत की निर्यात क्षमता बढ़ने वाली है। संभावित वैश्विक ब्याज दर में कमी से खपत को बढ़ावा मिल सकता है और इससे भारत की अर्थव्यवस्था में और तेजी आ सकती है।
भारत की प्रतिस्पर्धी बढ़त निर्यात तक सीमित नहीं है।

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