आप विधायकों को एक बार फिर किया गया विधानसभा से निलंबित

Delhi News (आज समाज), नई दिल्ली। बुधवार को दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधाानसभा में विपक्ष द्वारा जोरदार हंगामा किया गया। विपक्षी सदस्य दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के दिल्ली दंगों मामले में एफआईआर दर्ज होने पर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी बीच जब मुख्यमंत्री ने विपक्ष की मांग को ज्यादा त्वज्जो न दी तो विपक्ष ने अपना विरोध तेज कर दिया। इसी के चलते विधानसभा स्पीकर ने विपक्ष के सदस्यों को विधानसभा से निलंबत कर दिया।

विधानसभा की वेल में पहुंचे विपक्षी सदस्य

हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए आप विधायक सदन के वेल में आ गए, जिसके बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कम से कम सात विधायकों-कुलदीप कुमार, संजीव झा, मुकेश अहलावत, सुरेंद्र कुमार, जरनैल सिंह, आले मोहम्मद और अनिल झा को निलंबित कर दिया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही विपक्ष की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मिश्रा को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दंगों के सभी आरोपी जेल में हैं। कपिल मिश्रा सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? हम उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा उन्हें बचा रही है।

विस स्पीकर को सत्यापित करने के दिए निर्देश

स्पीकर गुप्ता ने विधानसभा सचिव को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया कि क्या निलंबित विधायक परिसर के भीतर रहे और निलंबन आदेश के बावजूद अपना विरोध जारी रखा। 3 मार्च को आठवीं विधानसभा के पहले सत्र के दौरान स्पीकर गुप्ता ने फैसला सुनाया कि कोई भी विधायक जिसे निलंबित किया जाता है या बाहर निकाला जाता है, उसे विधानसभा परिसर पूरी तरह से खाली करना होगा। यह फैसला इस विवाद के जवाब में आया है कि क्या निलंबित विधायक विधानसभा परिसर के कुछ क्षेत्रों, जैसे लॉन और विपक्ष के नेता के कार्यालय में रह सकते हैं। यह विरोध मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चैरसिया द्वारा दिए गए एक अदालती फैसले के बाद हुआ है, जिसमें मिश्रा के खिलाफ जांच के लिए प्रथम दृष्टया मामला पाया गया था।

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