2 अपै्रल को गुजरात के जामनगर में जगुआर क्रैश में शहीद हुए सिद्धार्थ
Rewari News (आज समाज) रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी के शहीद जवान का आज पैतृक गांव भालखी माजरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को उनके पिता सुशील यादव ने मुखाग्नि दी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव 2 अप्रैल को जामनगर में हुए जगुआर क्रैश में शहीद हुए थे। आज उनका पार्थिक शरीर रेवाड़ी स्थित आवास पर लाया गया।

उसके बाद उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव भालखी माजरा में किया गया। अंतिम विदाई के दौरान भी एयरफोर्स की टुकड़ी ने हथियार उल्टे और फायर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीद होने से पहले उन्होंने अपने साथी की जान बचाई थी।

मंगेतर भी पहुंची श्मशान घाट, 2 नवंबर को होनी थी शादी

सिद्धार्थ की 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी। अंतिम संस्कार के मौके पर उनकी मंगेतर भी श्मशान घाट में पहुंची। इस दौरान वह पार्थिव देह को देख रोती रहीं। इस दौरान वह बार-बार रोते हुए कहतीं रही कि प्लीज एक बार मुझे उसकी शक्ल दिखा दो। मंगेतर सानिया ने कहा कि मुझे सिद्धार्थ पर गर्व है। सिद्धार्थ की शादी 2 नवंबर को होनी थी।

मुझे अपने बेटे पर गर्व

इस दौरान शहीद की माता सुशीला यादव ने रोते हुए ही कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। मैं देश की हर मां से कहना चाहती हूं कि वे अपने बेटों को देशसेवा के लिए सेना में भेजें। मुझे उसकी जननी होने पर गर्व है, वो देश के लिए डरा नहीं। मेरा पूरा परिवार सेना में था, ये जानते हुए भी मैंने उसे सेना में भेजा। मुझे उसकी शहादत पर गर्व है। इस दौरान एयरफोर्स जवानों ने मां को सिद्धार्थ की फोटो भी दी। साथ ही शहादत को नमन करते हुए अपनी टोपी भी मां को पहनाई।

सिद्धार्थ ने साथी की बचाई जान

गुजरात के जामनगर में 2 अप्रैल को भारतीय वायुसेना के जगुआर लड़ाकू विमान क्रैश में फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गए थे। जगुआर में कुछ तकनीकी खराबी आई। जब यह तय हुआ कि जगुआर क्रैश होना तय है तो सिद्धार्थ ने अपने साथी मनोज कुमार को इजेक्ट कराया और विमान कहीं घनी आबादी में न गिरे, इसके लिए प्रयास शुरू किया। वह विमान को खाली जगह में ले गए और वीरगति को प्राप्त हुए।

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