मात्र तीन दिन में 10355 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर बेचे
Share Market (आज समाज), बिजनेस डेस्क : अमेरिका द्वारा लागू की गई नई टैरिफ दरों के चलते भारत सहित विश्व के प्रमुख शेयर बाजारों में मायूसी का माहौल है। यही कारण है कि भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार और शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई। एक तरफ जहां भारतीय शेयर बाजार में सूचित भारतीय कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई वहीं विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय कंपनियों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ के चलते बाजार से बाहर निकलना ही उचित समझा। यहीं कारण है कि दो से लेकर चार अप्रैल तक विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली जारी रही।
वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने का दिखा असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से जवाबी टैरिफ का एलान करने की खबरों के बीच विदेशी निवेशकों ने अप्रैल के पहले सप्ताह में भारतीय इक्विटी बाजार में भारी बिकवाली की। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 2 अप्रैल 4 अप्रैल के बीच 10,355 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर बेच दिए हैं। टैरिफ की जांच से वैश्विक बाजार में वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने और वित्तीय बाजारों पर मंडरा रहे खतरे के बीच यह निकासी की गई है।
अप्रैल में तीन दिन में ही टूटा मार्च का रिकॉर्ड
मार्च में एफपीआई की बिकवाली फरवरी की तुलना में काफी कम रही थी। मार्च में कुल बिकवाली फरवरी की 34,574 करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 3,973 करोड़ रुपये रही। लेकिन, अप्रैल के पहले सप्ताह में वैश्विक बाजार में उथल-पुथल शुरू होने के बाद निवेशक फिर सहम गए बिकवाली करने लगे। हालांकि ऐसा नहीं है कि विदेशी निवेशक केवल भारत में ही बिकवाली कर रहे हैं। टैरिफ की घोषणा के दो दिनों के भीतर अमेरिकी बाजार ने ही अपने कुल मार्केट कैप का लगभग 5.4 ट्रिलियन डॉलर गंवा दिया है।
अगले सप्ताह रहेगी मार्केट पर नजर
मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि अब अगले सप्ताह देखना होगा कि भारतीय शेयर बाजार अमेरिकी टैरिफ नीति और वैश्विक डर से बाहर निकल पाते हैं या फिर आर्थिक मंदी का डर भारतीय शेयर बाजार पर भारी रहेगा।