Punjab News Update : पीएसपीसीएल को पछवाड़ा कोल खदान से हुई 950 करोड़ की कमाई

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Punjab News Update : पीएसपीसीएल को पछवाड़ा कोल खदान से हुई 950 करोड़ की कमाई
Punjab News Update : पीएसपीसीएल को पछवाड़ा कोल खदान से हुई 950 करोड़ की कमाई

राज्य सरकार ने केंद्रीय कोल खदान में 70 लाख टन कोयला निकालकर पीक रेटेड क्षमता प्राप्त

Punjab News Update (आज समाज), चंडीगढ़ : प्रदेश की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से पीएसपीसीएल जहां एक तरफ अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है। इसके साथ ही पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड अपने प्रयासों से करोड़ों रुपए की बचत भी कर रहा है।

इस संबंधी जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओं ने बताया कि (पीएसपीसीएल) के थर्मल पावर प्लांटों के लिए निर्बाध और किफायती कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी सफलता के तहत, वित्तीय वर्ष 2024-25 में अपनी पछवाड़ा केंद्रीय कोल खदान में 70 लाख टन कोयला निकालकर पीक रेटेड क्षमता प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। यह जानकारी बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जारी एक प्रेस बयान के माध्यम से दी।

दिसंबर 2022 में किया थाा पुन: संचालित

कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने बताया कि पछवाड़ा खदान, जो 31 मार्च 2015 से बंद थी, को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सक्रिय और दूरदर्शी नेतृत्व में दिसंबर 2022 में सफलतापूर्वक पुन: संचालित किया गया। पुनरुद्धार के बाद, इस कोयला खदान ने पीएसपीसीएल के थर्मल पावर स्टेशनों को 115 लाख टन कोयला आपूर्ति किया है, जिससे कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) से प्राप्त कोयले की तुलना में अनुमानित 950 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इससे बिजली उत्पादन लागत में काफी कमी आई है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पछवाड़ा खदान में उच्च स्तर की क्षमता प्राप्त करना यह दशार्ता है कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ऊर्जा सुरक्षा, परिचालन दक्षता और वित्तीय विवेक के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कोयला खरीद में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी, बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करेगी और पंजाब के लिए बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाएगी।

पीएसपीसीएल के पीएलएफ में हुआ सराहनीय सुधार

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि खदान के संचालन के साथ, पीएसपीसीएल ने फ्लेक्सी नीति के तहत तलवंडी साबो और राजपुरा में अपने कोल इंडिया लिंकेज को स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) में परिवर्तित कर दिया है, जिससे आयातित या वैकल्पिक कोयले की आवश्यकता समाप्त कर देश की कीमती विदेशी मुद्रा बचाने में योगदान दिया गया है। उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की उपलब्धता ने पीएसपीसीएल के अपने थर्मल पावर प्लांटों के प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) में काफी सुधार किया है।

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