शिअद ने सरकार तो आप ने शिअद पर कसा तंज
Punjab News Update (आज समाज), चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा हटाए जाने के मामले में राजनीति गरमाई हुई है। जहां इस मामले को लेकर शिअद के पूर्व प्रधान सुखबीर बादल आक्रामक हो चुके है। वहीं बिक्रम सिंह मजीठिया ने भ्भी एक विडियो जारी कर सरकार को घेरा है। जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा को हटाए जाने के मामले में कहा कि उन्हें पहले से ही पता था कि उनकी सुरक्षा हटाई जा रही है लेकिन वह चुप थे।
उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को शनिवार के दिन ही रात को फोन आने शुरू हो गए थे कि वापिस आओ। मजीठिया ने विडियो में कहा कि उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनाम मुलाजिमों की नौकरी को ध्यान ने रखते हुए उन्हें वापस भेज दिया। लेकिन इस मामले में अब पंजाब पुलिस ने भी अपना रूख स्पष्ट किया है।
बुधवार को ली गई थी सुरक्षा वापस
पंजाब पुलिस ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा पूरी तरह से वापस लेने संबंधी रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि खतरे के पुनर्मूल्यांकन के मद्देनजर उनके सुरक्षा कवच को सिर्फ घटाया गया है, वापस नहीं लिया गया। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा समीक्षा समिति की नवीनतम सिफारिशों के बाद यह समायोजन/रद्दो-बदल किया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी प्रमुख व्यक्ति की सुरक्षा की समय-समय पर संभावित खतरे के मूल्यांकन के आधार पर समीक्षा की जाती है। इस आधार पर, सुरक्षा कवच को बढ़ाया या घटाया जाता है, प्रवक्ता ने यह भी कहा कि बिक्रम मजीठिया के पास अभी भी पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध है, जिसमें एस्कार्ट वाहन और पर्याप्त संख्या में बंदूकधारी शामिल हैं।
पंजाब आप अध्यक्ष ये बोले
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया की सिक्योरिटी मामले पर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने विरोधियों को घेरा और सवाल उठाया कि विपक्षी पार्टियों को एक ड्रग माफिया के प्रति इतनी हमदर्दी क्यों हो रही है? अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से यह कहती रही है कि पंजाब में नशे के व्यापार में सभी रिवायती पार्टियां समान रूप से शामिल है और आज यह बात साबित हो गई है।
अमन अरोड़ा ने तीनों पार्टियों से सवाल करते हुए कहा कि जिस तरह एक ड्रग माफिया की सिक्योरिटी हटाए जाने पर कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी तीनो पार्टियां इकट्ठी हो गई है, ऐसा पंजाबियों के हक लिए कभी इकट्ठे क्यों नहीं होते? इससे स्पष्ट होता है कि ये पार्टियां पंजाब से नशे को खत्म होते नहीं देखना चाहती। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ा युद्ध चल रहा है। पूरे राज्य में ड्रग तस्करों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन इन पार्टियों को नशा फैलाने वाले और नौजवानों का जीवन बर्बाद करने वाले व्यक्ति की चिंता हो रही है।
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