Indian Share Market : अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से टूटे फार्मा सेक्टर के शेयर

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Indian Share Market : अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से टूटे फार्मा सेक्टर के शेयर
Indian Share Market : अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से टूटे फार्मा सेक्टर के शेयर

गुरुवार को र्फामा शेयरों में दिखी थी तेजी, शुक्रवार को बुरी तरह हुए धराशाही

Indian Share Market (आज समाज), बिजनेस डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा अपने सनसनीखेज बयानों के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर अपने बयानों से दुनिया को हतप्रद करते रहते हैं। वर्तमान में ट्रंप के बयान सबसे ज्यादा जिस सेक्टर को प्रभावित कर रहे हैं वह है कई देशों की अर्थव्यवस्था। ट्रंप हर रोज अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर कोई न कोई सनसनीखेज बयान दे देते हैं। जिसका प्रभाव एकदम से देखा जाता है। जिन देशों पर अमेरिकी टैरिफ नीति का प्रभाव पड़ रहा है उनमें से भारत भी एक है।

फार्मा शेयरों में दो दिन अलग-अलग ट्रेंड

ट्रंप के इस बयान से पहले 3 अप्रैल को भारतीय फार्मा सेक्टर ने राहत की सांस ली थी, क्योंकि अमेरिका ने कई सेक्टर्स पर टैरिफ लगाने की घोषणा करते समय फार्मा सेक्टर को छूट दे दी थी। ट्रंप सरकार की बुधवार को जारी लिस्ट में फार्मा सेक्टर को रेसिप्रोकल टैरिफ के दायरे से बाहर रखा था। जिसकी वजह से गुरुवार को भारतीय फार्मा स्टॉक्स में शानदार तेजी देखने को मिली थी। फार्मा इंडेक्स 3 अप्रैल को 4.5% तक उछला था। लेकिन अब ट्रंप के ताजा बयान ने हालात को पूरी तरह बदल दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान से फार्मा सेक्टर के स्टॉक्स में हड़कंप मच गया है। ट्रंप ने कहा है कि फार्मा प्रोडक्ट्स पर ऐसे टैरिफ लगाए जा सकते हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए। उनके इस बयान के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों के स्टॉक्स भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 4.5% तक की गिरावट देखने को मिली। अलग-अलग स्टॉक्स की बात करें तो आईपीसीए लैब्स लगभग 6.5%, आॅरोबिंदो फार्मा के शेयर करीब 5.5% तक नीचे कारोबार करते नजर आए।

ट्रंप प्रशासन का रुख अभी भी स्पष्ट नहीं

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने भी हाल ही में संकेत दिया था कि ट्रंप सरकार फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को अमेरिका में वापस लाना चाहती है। उन्होंने कहा था कि हमने अपनी सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा दूसरे देशों को आउटसोर्स कर दिया है। लेकिन हमें तय करना होगा कि हमारी जीवनरक्षक दवाएं चीन में बनेंगी या अमेरिका में इस बयान से भी साफ है कि अमेरिका दवाओं के निर्माण को घरेलू स्तर पर बढ़ावा देने के लिए भारतीय फार्मा प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। ऐसे में अगर अमेरिका भारतीय फार्मा प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ाता है, तो इसका सीधा असर कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा। इससे अमेरिकी मार्केट में भारतीय प्रोडक्ट्स की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर उनकी डिमांड पर पड़ेगा।

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