Punjab News : पंजाब के लोगों को मिलेगी सस्ती रेत व बजरी

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Punjab News : पंजाब के लोगों को मिलेगी सस्ती रेत व बजरी
Punjab News : पंजाब के लोगों को मिलेगी सस्ती रेत व बजरी

कैबिनेट ने पंजाब राज्य माइनर पॉलिसी में संशोधन को दी मंजूरी

Punjab News (आज समाज), चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की बैठक में अहम फैसला लेते हुए जहां प्रदेश में अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए नीति बनाई वहीं लोगों को सस्ती दरों पर रेत व बजरी मुहैया कराने के लिए पंजाब राज्य माइनर मिनरल नीति में संशोधन करने के लिए सहमति दे दी।

इसका उद्देश्य बाजार में कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ाना, अवैध खनन और भ्रष्टाचार को कम करना, राज्य का राजस्व बढ़ाना और खनन क्षेत्र में संभावित एकाधिकार को खत्म करना है। यह संशोधन क्रेशर माइनिंग साइट्स (सीआरएमएस) से संबंधित है, जिसके तहत क्रेशर मालिक, जिनके पास बजरी वाली जमीन है, अब खनन लीज प्राप्त कर सकेंगे। इस कदम से अन्य राज्यों से खनन सामग्री की अवैध परिवहन पर रोक लगने की संभावना है। इससे बाजार में कुचली हुई रेत और बजरी की उपलब्धता बढ़ेगी, जो राज्य में विकास गतिविधियों के लिए आवश्यक है।

इस तरह काम करेगी नई पॉलिसी

इसी तरह लैंडआनर माइनिंग साइट्स (एलएमएस) के तहत रेत वाली जमीनों के मालिकों को सुविधा होगी और वे खनन लीज के लिए आवेदन कर सकेंगे एवं खनन सामग्री को सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर खुले बाजार में बेच सकेंगे। रेत पर रायल्टी बढ़ाकर 1.75 रुपए प्रति क्यूबिक फीट कर दी गई है, जिसकी पिट-हेड कीमत 7 रुपए प्रति क्यूबिक फीट है। बजरी/आरबीएम पर रायल्टी बढ़ाकर 3.15 रुपए प्रति क्यूबिक फीट कर दी गई है, जिसकी पिट-हेड कीमत 9 रुपए प्रति क्यूबिक फीट है।

कार्यशील खनन स्थलों की संख्या बढ़ेगी

पहले जमीन मालिकों की सहमति न होने के कारण कई खनन स्थल कार्यशील नहीं थे, क्योंकि जमीन मालिक अपनी जमीन से किसी अज्ञात व्यक्ति को खनन की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं होते थे। एलएमएस की शुरूआत से कार्यशील खनन स्थलों की संख्या बढ़ेगी, जिससे बाजार आपूर्ति बढ़ने के साथ-साथ राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा। यह कदम खनन क्षेत्र में एकाधिकार को खत्म करेगा।

 डिप्टी कमिश्नरों को एनओसी जारी करने का अधिकार दिया

इसके अलावा, डिप्टी कमिश्नरों को सरकारी और पंचायती जमीनों के लिए नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करने का अधिकार दिया गया है, क्योंकि वे इन जमीनों के संरक्षक होते हैं। यह बदलाव प्रक्रिया को सुचारु बनाएगा और सरकारी जमीनों पर खनन स्थलों के संचालन को तेज करेगा। मंत्रिमंडल ने दोहराया कि पंजाब सरकार पारदर्शिता, निष्पक्षता और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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