- तीन अप्रैल को राज्यसभा की ऐतिहासिक सबसे लंबी बैठक : धनखड़
Budget Session Concludes, (आज समाज), नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज समाप्त हो गया। सत्र 31 जनवरी, 2025 को शुरू हुआ था। आज दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। संसद के मानसून सत्र के दौरान अब दोनों सदन फिर से मिलेंगे। फिलहाल तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। राज्यसभा के सभापति उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने-अपने समापन भाषण में सदस्यों व कर्मचारियों का धन्यवाद किया।
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वक्फ संशोधन विधेयक दोनों सदनों में पास
वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा के साथ गुरुवार को राज्यसभा में भी बहुमत के साथ पारित हो गया। बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। लोकसभा में बुधवार को वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया और विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 ने वोट किया। इस तरह बिल दोनों सदनों में बहुमत से पारित हो गया। अब राष्टÑपति की सहमति से यह कानून बनेगा।
राज्यसभा के सभापति ने जताया सदस्यों का आभार
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उच्च सदन के 267वें सत्र में अपने समापन भाषण के दौरान कहा, माननीय सदस्यों, हम सभा के एक बहुत ही उत्पादक 267वें सत्र के समापन पर पहुंचे हैं और मैं आप सभी को आपकी सक्रिय भागीदारी और बहुमूल्य योगदान के लिए अपना आभार व्यक्त करता हंू।
159 घंटे काम किया, उत्पादकता 119 प्रतिशत
जगदीप धनखड़ ने बताया कि बजट सत्र के दौरान सदन ने 159 घंटे काम किया, जिससे इसकी उत्पादकता 119 प्रतिशत रही। उन्होंने यह भी बताया कि सदन की अब तक की सबसे लंबी बैठक तीन अप्रैल को हुई, जो सुबह 11 बजे शुरू हुई और 4 अप्रैल को सुबह चार बजकर 2 मिनट तक तक चली। यह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्यसभा के सभापति ने बताया कि ऊपरी सदन में रिकॉर्ड 49 निजी सदस्यों के विधेयक भी पेश किए गए।
निचले सदन में 26 बैठकें आयोजित : ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 31 जनवरी को सत्र शुरू होने से लेकर अब तक संसद के निचले सदन में 26 बैठकें हुईं और कुल संख्या लगभग 118 प्रतिशत रही। सत्र के दौरान 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए और वक्फ संशोधन विधेयक तथा मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक सहित 16 विधेयक पारित किए गए। इस सत्र का एक महत्वपूर्ण बिंदु वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का पारित होना था।
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