नई दिल्ली। उन्नाव में रेप के एक साल बाद पीड़िता को कोर्ट में अपनी तारीख पर जाते हुए रास्ते में ही आरोपियों ने पीड़िता पर हमला कर दिया। पहले डंडे से मारा फिर चाकू का वार फिर जिंदा ही आग लगा दी। शुक्रवार को उस वीरांगना की मौत हो गई जिसने इंसाफ के लिए अंतिम क्षण तक लड़ने की इच्छा नहीं छोड़ी। अपने आरोपियों को सजा दिलाने की जिद नहीं छोड़ी लेकिन जिंदगी की जिद के आगे हार गई। अब उन्नाव पीड़िता की मौत के बाद तमाम राजनीतिक पार्टियां इसे लेकर राजनीति रोटियां सेकने लगी। उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने शुक्रवार देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक ओर कांग्रेस पार्टी की प्रियंका गांधी पीड़िता के घर उन्नाव पहुंची तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव विधानसभा के बाहर ही धरने पर बैठ गए। वहीं इस मामले में सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा ” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव पीड़िता के सन्दर्भ में कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, उसकी मौत अत्यंत दुखद है। उनके द्वारा परिवार के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त की गयी। सभी अपराधी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले को त्वरित अदालत में ले जाकर कड़ी सजा दिलाएंगे। अखिलेश यादव ने धरने पर बैठने के बाद कहा कि आज का दिन काला दिवस है। उन्नाव की पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला क्योंकि आरोपी भाजपा से हैं। उन्नाव में जो हुआ वो भाजपा के शासन में यह पहली घटना नहीं है। वो बेटी बहुत बहादुर थी और उसकी आखिरी शब्द थे कि वो जिंदा रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि आज ये हमारे लिए काला दिवस है।