संसद से पारित हो चुके कृषि बिलों केविरोध में कांग्रेस समेत बारह विपक्षी दल एक हैं। इन सभी ने इस बिल के विरोध में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने का समय मांगा है। कांग्रेस के सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने बताया कि ‘राज्यसभा में कल (रविवार) को बिना वोटिंग के जरिए पारित करवाए गए कृषि बिलों पर 12 दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने के लिए समय मांगा है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से बिलों को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध किया है। बता दें कि दोनों सदनों से पास होने के बाद विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजा जाएगा, उनकी सहमति के बाद यह कानून का रूप ले लेगा। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि इन बिलों के पास होने के बाद किसानों को काफी लाभ मिलेगा। कृषि संबंधी दोनों बिल कल राज्यसभा मेंकेंद्र सरकार नेविपक्ष के भारी विरोध के बावजूद भी पास करा लिया। हालांकि बिल पास कराने के दौरान सांसदों ने सदन की मर्यादा का उल्लंघन ही नहीं किया बल्कि उसे तार-तार कर दिया। अपना विरोध प्रदर्शन करने के दौरान सांसद उपसभापति के चेयर तक पहुंच गए। उपसभापति के सामने के माइक को तोड़ दिया गया उनके सामने रूल बुक फाड़कर उछाली गई। इस तरह का व्यवहार राज्यसभा में अब तक कभी नहीं हुआ था। आज राज्यसभा में अमर्यादित व्यवहार करने वाले 8 सांसदों को सभापति ने एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया । सभापति ने डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सातव, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और एलमारन करीम को सस्पेंड किया है। सभापति वैंकेया नायडू ने कहा, ‘कल राज्यसभा के लिए बुरा दिन था, जब कुछ सदस्य सदन के वेल में आए। इस दौरान डिप्टी चेयरमैन को शारीरिक रूप से खतरा था। यह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। मैं सांसदों को सुझाव देता हूं, कृपया कुछ आत्मनिरीक्षण करें।’जबकि रविवार को विपक्ष के 12 दलों ने उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। कार्यवाही के स्थगन के विपक्षी दलों के अनुरोध की अनदेखी के बाद जिस तरह से सदन में दो कृषि विधेयकों को पारित किया गया, उसे लेकर ही यह नोटिस दिया गया है।
अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से करेगा मुलाकात
एनडीए की घटक दल अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल आज एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आज 4:30 बजे कृषि विधेयकों को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। अकाली दल भी कृषि विधेयक का विरोध कर रहा है और इसी संबंध में अकाली दल की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर ने भी मंत्रीमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
गांधी प्रतिमा के सामने किया प्रदर्शन
विपक्षी दलों केनिलंबित सांसदों ने संसद भवन में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। उनके साथ विपक्ष के अन्य नेता भी मौजूद थे। वह निलंबन विरोध कर रहे थे।