आर्थिक विशेषज्ञों का मानना अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी आने की 60 प्रतिशत संभावना
America Tariff Policy (आज समाज), बिजनेस डेस्क : अमेरिका द्वारा जारी की गई नई टैरिफ नीति के चलते जहां पूरे विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में उथल-पुथल का दौर जारी है वहीं अमेरिका की अर्थव्यवस्था भी इससे बची हुई नहीं है। अमेरिकी शेयर बाजार भी लगातार लाल निशान पर कारोबार कर रहा है और वहां भारी बिकवाली का दौर जारी है। इसी बीच निवेशकों को डर है कि व्यापार युद्ध में नाटकीय वृद्धि से अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में जा सकती है।
जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था और व्यापक वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के इस साल मंदी में डूबने की 60% आशंका है। विश्लेषकों के अनुसार अगर अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ दुनियाभर के देश जवाबी कार्रवाई शुरू करते हैं तो मंदी की आशंका बढ़ जाएगी। दूसरी ओर चीन और जापान ने भी जवाबी टैरिफ का एलान कर दिया है।
अमेरिका दुनिया के साथ चालाकी से पेश आ रहा
शुक्रवार को जारी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के डेटा के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने मार्च में 228,000 नौकरियां जोड़ीं, जो फरवरी की बढ़त 117,000 से काफी ज्यादा है। हालांकि, बाजार टैरिफ की चिंताओं के बीच रोजगार के बेहतर आंकड़ों से भी प्रभावित नहीं हो सकता। नॉर्थलाइट एसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी क्रिस जैकरेली ने कहा कि दुर्भाग्यवश, बाजार अब नौकरियों के बाजार पर केंद्रित नहीं है। निवेशकों का ध्यान टैरिफ और व्यापार युद्धों पर केंद्रित है, क्योंकि अमेरिका बाकी दुनिया के साथ चालाकी से पेश आ रहा है, जिससे संभवत: विश्वव्यापी मंदी का एक नकारात्मक चक्र शुरू हो रहा है।
जोखिम नहीं उठा रहे निवेशक
अमेरिकी बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से किनारा कर लिया। खास तौर पर ऐसी तकनीकी कंपनियों से निवेशक दूर रहे जिनके उत्पाद विदेशों में बनते हैं और जल्द ही उन पर भारी टैरिफ लग सकता है। एपल के शेयर गुरुवार को 9% से अधिक गिरा थे, शुक्रवार को इसमें 7.3% की गिरावट आई। स्टॉक के फ्यूचर्स बाजार खुलने के पहले ही गिर गए। इस बीच, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “संयुक्त राज्य अमेरिका में आने वाले और भारी मात्रा में पैसा लगाने वाले कई निवेशकों के लिए, मेरी नीतियां कभी नहीं बदलेंगी।
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