हाईकोर्ट ने केस की स्टेट्स रिपोर्ट की तलब, 17 मार्च को होगी अगली सुनवाई
Hisar News (आज समाज) हिसार: हरियाणा के हिसार की युवती से रेप केस में फंसे अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुड़िया ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हिसार सेशन कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद देवेंद्र बुड़िया ने हाईकोर्ट की शरण ली है। अपने वकील के माध्यम से लगाई गई याचिका में बुड़िया ने हरियाणा सरकार और अन्य को पार्टी बनाया गया।
गत दिवस हाईकोर्ट में न्यायधीश अमरजोत भट्टी की कोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केस की स्टेट्स रिपोर्ट की तलब करते हुए सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान हरियाणा की एडिशनल एडवोकेट जरनल अंबिका सूद कोर्ट में मौजूद रहीं।
राजनीति से प्रेरित बताया मामला
देवेंद्र बुड़िया की ओर से लगाई याचिका में कहा गया कि देवेंद्र बुड़िया पर दर्ज रेप का केस राजनीति से प्रेरित है। रेप पीड़िता की ओर से झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में किसी तरह की सच्चाई नहीं है।
इस मामले में एफआईआर देरी से दर्ज की गई। जानबूझकर एफआईआर का स्थान हरियाणा हिसार का आदमपुर चुना गया। घटना आदमपुर में नहीं हुई, फिर भी 24 जनवरी को आदमपुर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई।
हिसार सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी जमानत याचिका
दरअसल, आदमपुर में रेप केस दर्ज होने के कारण हिसार पुलिस ने देवेंद्र बुड़िया के धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए थे। गिरफ्तारी से बचने को बुड़िया अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। पुलिस की ओर से लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है मगर अभी तक बुड़िया गिरफ्त से बाहर है। बुड़िया ने गिरफ्तारी से बचने को हिसार सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, मगर 5 फरवरी को कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
बुड़िया की बीमारी का दिया था हवाला
बुड़िया के वकील पवन रापड़िया ने कोर्ट में दलील दी थी कि बुड़िया पार्किंसस नाम की बीमारी से ग्रसित हैं और वह संबंध नहीं बना सकते। ऐसे में रेप का पूरा मामला ही झूठा है। कोर्ट में बुड़िया की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की गई थी, मगर कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को पीड़िता के वकीलों की दलील के आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
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