3 महीने तक बंद रहने वालों नंबरों पर यूपीआई का नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल
UPI Rule (आज समाज) नई दिल्ली: 1 अप्रैल से नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई के कुछ नियमों में बदलाव कर दिया है। यूपीआई उपयोगकर्ताओं के साथ फ्रॉड को रोका जा सके, इसलिए नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई मेंबर बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और थर्ड पार्टी यूपीआई एप्स को उन नंबरों से ट्रांजैक्शन बंद करने का निर्देश दिया है जो काफी समय से बंद हैं। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने चिंता जताई थी कि 3 महीने तक बंद रहने वाले नंबरों को टेलीकॉम कंपनियां दूसरे लोगों को अलॉट कर देती है, जिससे उन नंबरों से जुड़ें बैंक अकाउंट में फ्रॉड होने का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों को ठगी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण

बैंकों और यूपीआई एप्स को 1 अप्रैले से एनसीपीआई के निए नियमों का पालन करना होगा, जिसके तहत बंद हो चुके नंबरों को मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट में शामिल किया जाएगा। लोगों को ठगी से बचाने के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। बैंकों और यूपीआई एप्स को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वह व्यक्ति जिसका नंबर बैंक अकाउंट में लिंक्ड हो वही यूपीआई का इस्तेमाल कर रहा हो। इसके अलावा बैंकों और डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म में अपने डेटाबेस को हर हफ्ते अपडेट करना होगा।

दूसरे के पास जा सकता है यूपीआई का कंट्रोल

टेलीकॉम कंपनियां 90 दिनों तक बंद रहने वाले नंबरों को नए ग्राहकों को अलॉट कर देती हैं। ऐसे में यदि उस नंबर को मौजूदा बैंक अकाउंट से नहीं हटाया गया तो नंबर दोबारा एक्टिव होने पर उसका कंट्रोल दूसरे के पास जा सकता है। ऐसे में बैंक से आने वाले मैसेज, ओटीपी और कई तरह की जानकारियां उस नंबर पर जा सकती हैं। यह एक बड़ी खामी है जिसे एनसीपीआई दूर करने की कोशिश कर रहा है।

तुरंत अपडेट कराएं नंबर

अगर आपका किसी बैंक में अकाउंट है और उसमें ऐसा नंबर लिंक है जो काफी समय से बंद है तो उसे तुरंत अपडेट कराएं। बैंक अकाउंट में उसी नंबर को लिंक करवाएं जो हमेशा एक्टिव रहता हो और उसे आप इस्तेमाल करते हों। अगर आपने नंबर बदला है तो बिना देर किए बैंक में नया नंबर रजिस्टर करवाएं।