मथुरा। रिमझिम बरसात के मध्य हुई बरसाना की लठामार होली के बाद आज नंदगांव में लठामार होली प्रेम पगी लाठियां खाकर हुरियारों ने जमकर होली खेली। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष में देखने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई, जिसको लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने खासा इंतजाम कर रखा था।
हंसी ठिठोली के बीच उड़ते रंगों और प्रेम की बरसतीं लाठियों के बीच बरसाने को हुरियारे अपनी ढालों की ओट से स्वयं को बचाते नजर आये। द्वापर युग से चली आ रही परम्परागत लठामार होली खेलने के बाद बरसाना के ग्वाल सखी भाव से अपनी होली का फगुवा मांगने के लिए नन्दभवन पहुंचे। बरसाना में खेली गयी लठामार होली के परिणामस्वरूप बरसाना की सखी स्वरूप ग्वाल होली का फगुवा मांगने आये। इस पर बरसाना के हुरियारों से नन्दगांव में हुरियारिनों ने डट कर होली खेली। बरसाना के ग्वालों ने यशोदा कुण्ड पर भांग ठण्डाई छानकर अपनी पागों को बांधा। इसके उपरांत ही ठिठोली करते हुए नन्दभवन पर हुरियारे आये। हुरियारों के नन्दभवन पहुंचते ही नंदगांव के ग्वाल उन पर टेसू के फूलों का रंग,अबीर, गुलाल आदि बरसाने लगे। इसके प्रत्युत्तर में बरसाना के हुरियारों ने भी उन पर रंग और गुलाल बरसाया। चहुं ओर अबीर, गुलाल की इस बारिश से पूरा नन्दभवन सतरंगी हो गया। इस सतरंगी बरसात से कोई भी अछूता न रहा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने बुधवार नंदगांव में लठामार होली का जमकर आनन्द लिया। नन्दगांव में आज जब होली खेलने के लिए बरसाना के हुरियारे यशोदा कुंड के पास पहुंचे तो उनका बरसानावासियों ने स्वागत भांग और ठंडाई से किया। इसके बाद हुरियार नन्दबाब मंदिर गए जहां पर उन्होंने होली खेलने की इजाजत मांगी। वे मंदिर से जब नीचे आने लगे तो मार्ग में सजी धजी गोपियों से उन्होंने हंसी ठिठौली की और गुलाल और रंग की वर्षा भी की। गोपिकाओं के मना करने पर भी जब उन्होंने रंग गुलाल डालना एवं हंसी ठिठौली बंद न की तो गोपियों ने लाठियों से उनकी पिटाई करना शुर कर दिया। उधर रसिया गायन हो रहा था। लठामार होली की चरम परिणति में गोपियां हुरियारों की पिटाई कर रही थी और हुरियार वार को बचा रहे थे।
कमलकान्त उपमन्यु