India Operation Brahma, (आज समाज), नेपीडॉ: म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही के बाद भारत सरकार द्वारा राहत एवं बचाव के लिए चलाए जा रहे ‘आपरेशन ब्रह्मा’ की म्यांमार वासियों ने जमकर तारीफ की है। उनमें से कई के लिए एनडीआरएफ के जवान देवदूत बन रहे हैं।

हाल ही में आया था 7.7 तीव्रता का भूकंप

देश में पिछले सप्ताह शुक्रवार को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था और थाइलैंड भारत, चीन व बांग्लादेश तक इसके झटके महसूस किए गए। म्यांमार और थाईलैंड में इमारतें धराशायी हो गई हैं। म्यांमार में सबसे ज्यादा जानहानि हुई है। देश में हजारों लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। सैकड़ों घायल हैं जबकि कई लापता हैं। म्यांमार के लोगों ने कहा, भारतीय बहुत मेहनती लोग हैं। एनडीआरएफ के आने से हमें बहुत लाभ हुआ है। हम बहुत खुश और शांत हैं। उन्होंने कहा, भगवान भारत और उसके नेतृत्व पर कृपा बरसाए।

लोगों के जीवित बचने की संभावना नहीं : NDRF

एनडीआरएफ चालक दल की सदस्य कविता सिंह ने बताया कि उनकी टीम जोखिम उठाने के बाद भी काम कर रही है क्योंकि वे आपरेशन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, हमने केवल शवों को निकाला है और कुछ दिन बीत जाने के कारण लोगों के अब जीवित बचने की कोई संभावना नहीं है। कविता ने कहा, म्यांमार में मौसम बहुत गर्म है।

एनडीआरएफ मिल रहा को स्थानीय लोगों से समर्थन

कविता ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को स्थानीय लोगों से बहुत समर्थन मिला है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, एक परिवार एनडीआरएफ टीम के पास आया और बचाव अभियान के लिए टीम के प्रयासों पर राहत और आशा व्यक्त की। स्थानीय लोगों ने कहा, हमें बहुत गर्व है कि आप हमारी मदद करने आए हैं।

एनडीआरएफ के 57 सदस्यों की एक टीम पहुंची है म्यांमार

एनआरडीएफ चालक दल की एक अन्य सदस्य ने कहा, एनडीआरएफ के 57 सदस्यों की एक टीम म्यांमार पहुंची है। उन्होंने कहा, उन्हें काम करने के लिए 13 स्थान आवंटित किए गए हैं। सदस्य ने कहा, हमारे लिए शवों को निकालना बहुत मुश्किल है। यहां बहुत गर्मी भी है, इसलिए किसी का भी जिंदा रहना बहुत मुश्किल है। इतनी छोटी सी गली में न तो खुदाई करने वाली मशीनें चल सकती हैं, न क्रेन। कुछ भी नहीं चल सकता। उन्होंने कहा, अब सब भगवान के हाथ में है।

625 मीट्रिक टन मानवीय सहायता व राहत सामग्री पहुंचाई

भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक म्यांमार में तबाही का पैमाना बहुत बड़ा है और भारत सरकार द्वारा की जा रही त्वरित कार्रवाई भूकंप के बाद म्यांमार के लोगों द्वारा सामना किए जा रहे संकट को कम करने में मदद कर रही है। भारत ने आपरेशन ब्रह्मा के हिस्से के रूप में म्यांमार को 625 मीट्रिक टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री पहुंचाई है।

भारत और सामग्री व संसाधन तैनात करने के लिए तैयार

पूर्वी नौसेना कमान से भारतीय नौसेना के जहाज सतपुड़ा और सावित्री 29 मार्च को 40 टन एचएडीआर सामग्री लेकर यांगून के लिए रवाना हुए। इन्हें सोमवार को यांगून के मुख्यमंत्री को सौंप दिया गया। अंडमान और निकोबार कमांड से भारतीय नौसेना के जहाज करमुक और एलसीयू 52 30 मार्च को यांगून के लिए रवाना हुए, जिसमें कपड़े, पीने का पानी, भोजन, दवाइयों और आपातकालीन सामान सहित 30 टन राहत सामग्री थी। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत जमीनी स्तर की जरूरतों और आवश्यकताओं के आधार पर म्यांमार को और अधिक सामग्री सहायता व संसाधन तैनात करने के लिए तैयार है।

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