आज समाज, नई दिल्ली: Manoj Kumar Death: भारतीय सिनेमा के ‘भारत कुमार’ मनोज कुमार ने 87 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मृत्यु कार्डियोजेनिक शॉक की वजह से हुई है, जो एक गंभीर दिल का दौरा होने पर उत्पन्न होता है। इसके अलावा वे डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से भी जूझ रहे थे, जो उनकी तबीयत लगातार बिगाड़ रहा था।
क्या है कार्डियोजेनिक शॉक?
यह एक जानलेवा हृदय संबंधी स्थिति है जिसमें हृदय शरीर को आवश्यक रक्त नहीं पंप कर पाता। यह आमतौर पर गंभीर हार्ट अटैक के बाद होता है, और इसका इलाज अगर समय पर न किया जाए, तो यह घातक साबित हो सकता है। अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते पहचान लिया जाए, तो करीब 50% मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
लक्षण:
तेज और उथली सांस लेना
सांस लेने में गंभीर तकलीफ
अत्यधिक पसीना आना
दिल की तेज़ धड़कन (टैचीकार्डिया)
होश खोना या चक्कर आना
ब्लड प्रेशर का गिरना (हाइपोटेंशन)
हाथ-पैर ठंडे पड़ जाना
त्वचा का पीला पड़ना
पेशाब में कमी या बंद होना
दिल का दौरा पड़ने के लक्षण, जिन्हें नज़रअंदाज़ न करें:
सीने में दबाव, जकड़न या भारीपन
दर्द का फैलाव कंधों, बाजुओं, पीठ, जबड़े या दांतों तक
लगातार या बार-बार सीने में दर्द
मतली, उल्टी या चक्कर
सांस फूलना और अत्यधिक पसीना आना
कब लें मेडिकल सहायता?
अगर आपको या आपके आसपास किसी को ऊपर दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।
इमरजेंसी में 911 या अपने देश की हेल्पलाइन पर कॉल करें। खुद वाहन चलाकर अस्पताल न जाएं।
भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति
मनोज कुमार जी का जाना न केवल भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक चेतावनी भी है – कि दिल और लिवर जैसी बीमारियों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। उनकी फिल्मों ने हमें देश से प्यार करना सिखाया, और उनका जीवन हमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दे गया।