आज समाज, नई दिल्ली: Manoj Kumar Death: महान अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार का निधन हो गया है। वह 87 साल के थे। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली। मनोज कुमार को देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्मों के लिए जाना जाता था। उनकी फिल्में रोटी, कपड़ा और मकान, पूरब और पश्चिम, उपकार, क्रांति ने देशभक्ति की अलख जगाई थी। इसके चलते उन्हें ‘भारत कुमार’ भी कहने लगे थे। उनका जन्म 24 जुलाई 1937 को पंजाब के एबटाबाद (अब पाकिस्तान) में हुआ था।
मनोज कुमार के इस बयान से मच गई थी हलचल
एक पुराने इंटरव्यू में मनोज कुमार ने इस बात को बेहद साफ शब्दों में कहा था – “मैं न तो लालची इंसान हूं, न ही लालची एक्टर। धर्मेंद्र और शशि कपूर ने 300-300 फिल्में की हैं, लेकिन मैंने सिर्फ 35।” इस बयान ने उस दौर में हलचल मचा दी थी। मनोज कुमार हमेशा मानते थे कि एक्टिंग एक कला है, न कि प्रोडक्शन लाइन।
करियर में महज 35 फिल्में कीं
मनोज कुमार उन चंद सितारों में से थे जिन्होंने ‘गुणवत्ता’ को ‘संख्या’ से ऊपर रखा। उन्होंने अपने करियर में महज 35 फिल्में कीं, लेकिन हर एक फिल्म दर्शकों के दिल में घर कर गई। उनका मानना था कि एक अभिनेता को सोच-समझकर फिल्में करनी चाहिए, और सिर्फ पैसा या प्रसिद्धि के लिए हर ऑफर स्वीकार नहीं करना चाहिए।
असरदार’ काम ही असली पहचान बनाता है
मनोज कुमार का जाना सिर्फ एक अभिनेता की मृत्यु नहीं है — यह भारतीय सिनेमा के उस युग का अंत है, जिसमें फिल्में सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि समाज का आईना थीं। उन्होंने साबित कर दिया कि ‘कम लेकिन असरदार’ काम ही असली पहचान बनाता है।