- हरियाणा राज्य गीत गाने वाले केयू एलुमनी डॉ. श्याम शर्मा को कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया सम्मानित
(Kurukshetra News) कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने शुक्रवार को हरियाणा राज्य गीत गाने वाले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एलुमनी डॉ. श्याम शर्मा को कुलपति कार्यालय में अंगवस्त्र पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि राज्य गीत गाकर डॉ. श्याम शर्मा ने हरियाणा प्रदेश सहित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा, पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरि का आणा हरियाणा राज्य गीत में अपनी मधुर आवाज देकर डॉ. श्याम शर्मा ने न केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का बल्कि पूरे हरियाणा राज्य का मान बढ़ाया है।
डॉ. श्याम शर्मा की शानदार आवाज ने गीत को एक ऐतिहासिक स्वरूप दिया है, जिसे हरियाणा के सभी लोग गर्व से गाते हैं
कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि उनका यह गीत राज्य की शौर्य गाथाओं और वीर जवानों के संघर्षों को समर्पित है जो हरियाणा की समृद्ध संस्कृति एवं लोक परम्परा की गाथा को भी अभिव्यक्त करता है। डॉ. श्याम शर्मा की शानदार आवाज ने गीत को एक ऐतिहासिक स्वरूप दिया है, जिसे हरियाणा के सभी लोग गर्व से गाते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. श्याम शर्मा की मेहनत एवं लगन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत भी है।
राज्य गीत के गायक डॉ. श्याम शर्मा ने कहा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा द्वारा सम्मानित करने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में आकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने किसी भी गीत को जब तक रूह में उतरकर न गाया जाए, तब तक उसमें वह सफलता नहीं मिल पाती। उन्होंने बताया कि यह गीत हरियाणा की वीरता, संस्कृति और गौरव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा में जब उनके द्वारा गाया गीत गूंजा तो वे भावुक हो उठे तथा यह उनके जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण था।
गौरतलब है कि केयू एलुमनी डॉ. श्याम शर्मा ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में संगीत विभाग से सेवानिवृत प्रो. सुरेश गोपाल श्रीखंडे से संगीत के गुर सीखे। उन्होंने केयू संगीत एवं नृत्य विभाग से अपनी पीएचडी कर संगीत के सभी पहलुओं की बारीकी से जानकारी ली। जिसके बाद 2019 से उन्होंने 2019 से प्रोफेशनल गायकी शुरू कर दी तथा फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ते चले गए।इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.ए.आर.चौधरी, प्रो. अनिल मित्तल, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, प्रो. शुचिस्मिता, डॉ. आरती श्योकंद, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. वीर विकास मौजूद थे।