- बीज एवं कीटनाशी विक्रेताओं ने प्रदर्शन कर डिप्टी स्पीकर को सौंपा ज्ञापन
(Jind News) जींद। हरियाणा प्रदेश की नायब सरकार ने बीज एवं कीटनाशी अधिनियमों में मार्च 2025 के दौरान जो संशोधन कर अर्थदंड और कारावास के प्रावधान तय किए हैं, उनमें बदलाव के लिए विक्रेता सड़कों पर उतर आए हैं। बीज एवं कीटनाशी विक्रेताओं ने नए कानून में नरमाई लाने के लिए शुक्रवार को जींद में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा।
सीड पैस्टीसाइड डीलर्स एसोसिएशन जिला जींद के प्रधान पवन गर्ग के नेतृत्व में जिले के विक्रेता प्रदर्शन करते हुए डिप्टी स्पीकर के आवास पर पहुंचे। इस अवसर पर प्रधान पवन गर्ग ने कहा कि यह कानून प्रभावित वर्गों बीज उत्पादक, विक्रेता एवं कीटनाशी निर्माता एवं विक्रेताओ की आपतियां सुने बिना पास किया गया। यह सरकार का एकपक्षीय निर्णय बीज व कीटनाशक उत्पादकों, विक्रेताओं का जीवन दूभर कर देगा। इससे सारा व्यापार बंद होने के कगार पर आ जाएगा। जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगें। बीज एवं कीटनाशी व्यापार ठप्प होने से कृषि उत्पादन भी प्रभावित होगा।
प्रदेश एवं पड़ोसी राज्य में भी सम्मान कि दृष्टि
पवन गर्ग ने कहा कि हरियाणा का बीज सभी कानूनों कि पालना कर तैयार किया जाता है और गुणवत्ता एवं प्रमाणीकरण में श्रेष्ठ होता है। इसलिए प्रदेश एवं पड़ोसी राज्य में भी सम्मान कि दृष्टि से देखा जाता है। विगत वर्षों में हरियाणा में कोई भी और किसी भी प्रकार का घपला, घोटाला नहीं हुआ है। सैम्पल का सब-स्टैंडर्ड आना उसको नकली साबित नहीं करता है और केवल सब-सटैंडर्ड आने से कारावास का प्रावधान सरासर गलत है। निर्दोष विक्रेता के लिए गैर जमानती और संज्ञेय अपराध की श्रेणी व पुलिस हस्तक्षेप चिंता के विषय बने हुए हैं।
व्यापारी और किसानों के बीच एक गहरा नजदीक का रिश्ता
लाइसेंसधारी विक्रेता सील बंद उत्पाद की खरीद-बेच करते हैं। उत्पाद की गुणवत्ता उत्पादक व पैक कर्ता कंपनी के हाथ होती है और प्रयोग किसान के हाथ में है। गर्ग ने कहा कि व्यापारी और किसानों के बीच एक गहरा नजदीक का रिश्ता होता है। अचानक इन कानूनों में लाए गए संशोधन द्वारा बीज एवं कीटनाशी अधिनियमों के उलंघनो को संज्ञेय अपराध कि श्रेणी में ला कर गैरजमानती अपराध व्यापार को तहस नहस कर देगा और लाखों लोग इससे प्रभावित होंगे। इसलिए इन कानूनों को हटाया जाए और अर्थ दंडको भी उदार बनाया जाये।
प्रधान पवन गर्ग ने बताया की हरियाणा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष उचित पैरवी कर कानून मेें बदलाव करवाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर सुरेंद्र गर्ग उचाना, संदीप जुलाना, अक्षय सफीदों, दिनेश नरवाना, देवीराम, सुनील बागड़ी, बबलु गोयल, रोहित जैन, सुनील गर्ग, कृष्ण लाल रेढू, नवीन शर्मा, चिराग सिंगला, सुरेश नरवाल, नवीन गर्ग, मदन मंगला, सुनील बागड़ी सहित संैकड़ों विक्रेताओं ने सरकार के निर्णय के खिलाफ गर्जना भरी।
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