वायु प्रदूषण से राहत पाने के लिए सरकार का प्रयास, आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों से की बैठक
Delhi Breaking News (आज समाज), नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के सामने वर्तमान में जो समस्याएं प्रमुख हैं उनमें से एक है वायु प्रदूषण। हर साल कई माह तक दिल्ली गैस के चैंबर में तबदील रहती है। जिसके चलते लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वायु प्रदूषण से राहत पाने के लिए दिल्ली की पिछली सरकार ने कृत्रिम बारिश का सुझाव एलजी और केंद्र सरकार को भेजा था लेकिन वैचारिक मतभेद सामने आ गए और न तो आप सरकार को केंद्र से और न ही एलजी से यह इजाजत मिली।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने की बैठक की अध्यक्षता
दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश कराने की दिशा में प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य को लेकर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत ट्रॉपिकल मौसम विज्ञान संस्थान, पर्यावरण मंत्रालय, आईआईटी कानपुर, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्लाउड सीडिंग के माध्यम से आर्टिफिशियल रेन की संभावनाओं पर चर्चा की।
आईआईटी कानपुर पहले भी करवा चुका क्लाउड सीडिंग
बैठक में आईआईटी कानपुर की टीम ने पूरी प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि इससे वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। आईआईटी कानपुर ने पहले भी क्लाउड सीडिंग में सफलता प्राप्त की है और बारिश कराने की इस तकनीक के पिछले सात में से छह प्रयोग सफल रहे हैं। बैठक में इस पहल को लागू करने के लिए जरूरी नियमों और अनुमतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने नियामक मंजूरी, उड़ान स्वीकृतियों और विभागों के बीच तालमेल पर विचार किया, ताकि यह योजना आसानी से लागू हो सके।
वायु प्रदूषण के खिलाफ हम निर्णायक जंग लड़ेंगे
इस मौके पर सिरसा ने कहा कि सरकार वायु प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है। यह सिर्फ एक प्रयास नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने का हमारा कर्तव्य है। दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार आधुनिक तकनीकों को अपना रही है। रियल टाइम एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग, स्मॉग टावर और पराली प्रबंधन के लिए बायो डीकंपोजर सहित अन्य पहल इसकी भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा हैं, जो स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ये भी पढ़ें : Delhi Weather : दिल्ली में जल्द चलेगी हीट वेव