आरटीआई से प्राप्त जानकारी में हुआ खुलासा
PVC Aadhaar Card (आज समाज) नई दिल्ली: आप में से कई लोगों के पास पीवीसी आधार कार्ड होगा। कई लोगों ने आॅर्डर भी किया होगा। पीवीसी आधार कार्ड की खासियत यह है कि यह प्लास्टिक का बना हुआ है और पानी से खराब नहीं होगा। इसके अलावा कागज की तरह फटेगा भी नहीं। पीवीसी आधार कार्ड को आॅर्डर करने के लिए सरकार आधार कार्ड धारकों से 50 रुपये का शुल्क लेती है।
आॅर्डर करने के कुछ दिन बाद पीवीसी आधार लोगों द्वारा दिए गए एड्रेस पर डिलीवर हो जाता है। अब इस पीवीसी आधार कार्ड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यूआईडीएआई ने पीवीसी आधार कार्ड अक्टूबर 2020 में लांच किया था। यह एक प्लास्टिक कार्ड है जो आधार कार्ड की जानकारी के साथ आता है, जो दिखने में एटीएम कार्ड जैसा होता है।
कुल 60,14,87,800 रुपए का राजस्व हुआ प्राप्त
आरटीआई एक्टिविस्ट नीरज राजौरिया ने आरटीआई दाखिल करके पूछा था कि पीवीसी आधार कार्ड से सरकारी को कितना राजस्व प्राप्त होता है जिसके जवाब में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने बताया कि 01.04.2024 से 28.02.2025 के बीच कुल 1,20,29,756 पीवीसी आधार कार्ड जारी किए गए हैं जिससे सरकार को 60,14,87,800 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
सरकार से पीवीसी आधार कार्ड मुफ्त में बनाने की मांग की
सरकार ने प्रत्येक साल का आंकड़ा नहीं दिया है लेकिन इसी डाटा के आधार पर कहा जा सकता है कि पिछले पांच साल में केवल पीवीसी आधार कार्ड से सरकार की कमाई 300 करोड़ से अधिक की हुई है। आरटीआई कार्यकर्ता ने सरकार से पीवीसी आधार कार्ड को मुफ्त में बनाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने अधिक संख्या में आधार सेंटर खोले जाने की भी मांग की है।
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