Chaitra Navratri 2025, आज समाज डिजिटल डेस्क: हिंदू धर्म में नवरात्रि के ज्योहार का विशेष महत्व है। नौ दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन दिनों चैत्र नवरात्रि का पर्व चल रहा है। 30 मार्च को नवरात्रि का पहला दिन है और आज सातवां दिन है। सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है। शास्त्रों के अनुसार कुछ चीजें देवी दुर्गा को चढ़ाने की मनाही है। यहां हम बता रहे हैं कि कौन सी ऐसी चीजें हैं जो मां को अर्पित नहीं करनी चाहिए और कौन सी अर्पित करनी चाहिए
मां दुर्गा को भक्त अर्पित करते हैं कई चीजें
नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई तरह की चीजें उन्हें अर्पित करते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसी कई चीजें हैं जो अन्य देवी-देवताओं की पूजा में जरूर चढ़ाई जाती हैं, पर मां दुर्गा की पूजा में इन्हें अर्पित करना वर्जित है। मान्यता है कि देवी दुर्गा की पूजा में इन चीजों का इस्तेमाल करने से जीवन में संकट पैदा हो सकता है।
दुर्वा घास
गणेश पुराण के मुताबिक भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा घास का उपयोग जहां सबसे जरूरी माना गया है, वहीं मां दुर्गा की पूजा में इसका इस्तेमाल वर्जित है। इससे जीवन में परेशानी आ सकती है।
मदार, धतूरे के फूल
शिव पुराण में कहा गया है कि धतूरे के फूल और मदार भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं और इन्हें पूजा में शामिल करने से शुभ लाभ मिलता है। वहीं, देवी दुर्गा की पूजा में धतूरे के फूल और मदार भी वर्जित हैं। माना जाता है कि देवी को कमल, गुलाब व चंपा जैसे सुगंधित फूल पसंद हैं, इसलिए मांग दुर्गा को यही अर्पित करने चाहिए।
तुलसी के पत्ते
विष्णु धर्मसूत्र और देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि भगवान हरिविष्णु की पूजा में तुलसी का उपयोग किया जाता है, पर देवी दुर्गा की पूजा में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।
तामसिक चीजें
सात्विक पूजा या मां दुर्गा की पूजा में तामसिक चीजें जैसे लहसुन प्याज आदि वर्जित मानी गई हैं। इसलिए परेशानियों से बचने के लिए देवी दुर्गा की पूजा में तामसिक चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
बासी चीजें
देवी दुर्गा की पूजा में कभी भी मूल फूल अथवा फल का उपयोग नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से जीवन में दिक्कतें आती हैं।
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