वित्त वर्ष 2025-26 के पहले ही दिन भारतीय शेयर बाजार हुआ धराशाही

Share Market Today (आज समाज), बिजनेस डेस्क : भारत के साथ पारस्परिक टैरिफ नीति पर आज अमेरिका अहम घोषणा कर सकता है। अमेरिकी राष्टÑपति काफी दिन पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि अमेरिका भारत के साथ आयात व निर्यात पर उसी के अनुसार टैरिफ लगाएगा। टैरिफ की यह नई दरें आज यानि दो अप्रैल से लागु होंगी। इसी बीच एक अप्रैल को नए वित्त वर्ष की शुरुआत पर भारतीय शेयर बाजार में उत्साह कम और हताशा ज्यादा नजर आई। यह हताशा अमेरिका की टैरिफ नीति के कारण थी। इसी के चलते घरेलू शेयर बाजार में वित्तीय वर्ष 2025-26 की 2020 के बाद सबसे खराब शुरूआत हुई।

1390 से ज्यादा अंक से टूटा सेंसेक्स

ईद की छुट्टी के बाद मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,390.41 अंक या 1.80 प्रतिशत गिरकर 76,024.51 पर बंद हुआ। इसके 28 घटक शेयरों में गिरावट रही और केवल दो बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। दिन के कारोबार के दौरान एक समय पर सेंसेक्स सूचकांक 1,502.74 अंक या 1.94 प्रतिशत गिरकर 75,912.18 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी 351.15 (1.49%) अंक लुढ़ककर 23,168.20 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में यह एक महीने के दौरान एक दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट थी।

बाजार पर भारी नजर आई वैश्विक अस्थिरता

जानकारों के अनुसार कल होने वाली अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ घोषणा से पहले वैश्विक अस्थिरता के बीच, बाजार में भारी बिकवाली दिखी। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता के कारण आईटी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ। इसके अलावे महाराष्ट्र सरकार की ओर से रेडी रेकनर दरों में वृद्धि के बाद रियल एस्टेट शेयरों में भी गिरावट आई।

वित्त वर्ष 2024-25 में सेंसेक्स 3764 अंक चढ़ा

वित्त वर्ष 2024-25 में सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत और निफ्टी 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। शुक्रवार को सेंसेक्स 191.51 अंक या 0.25 प्रतिशत गिरकर 77,414.92 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 72.60 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 23,519.35 पर बंद हुआ।

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