चार मार्च को करेंगे चंडीगढ़ कूच, एक सप्ताह तक चलेगा धरना
Punjab Farmer Protest (आज समाज), चंडीगढ़ : मांगों को लेकर पिछले एक साल से ज्यादा समय से पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसान अब चंडीगढ़ से आंदोलन करेंगे। किसानों का यह आंदोलन 5 मार्च बुधवार से शुरू होगा। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसान चार मार्च को चंडीगढ़ के लिए कूच करेंगे। जिसके बाद 5 मार्च से चंडीगढ़ में धरने का ऐलान कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसान नेताओं ने जानकारी दी कि पांच मार्च से शुरू हुआ धरना एक सप्ताह तक चलेगा। उसके बाद किसान आगे की रणनीति तय करेंगे और धरना आगे बढ़ाने पर बातचीत करेंगे।
4 मार्च को सीएम ने बुलाई बैठक
वहीं दूसरी तरफ सीएम भगवंत मान ने 4 मार्च को चंडीगढ़ में बैठक बुलाई है। ये बैठक दोपहर 3.30 बजे चंडीगढ़ में रखी गई है। इस दौरान उन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसे लेकर एसकेएम 5 मार्च से चंडीगढ़ में धरना देने जा रहा है।
पंजाब सरकार के फैसले पर किसानों में नाराजगी
इस बैठक में दो अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई और खिलाफ विरोध जताया गया। पहला मुद्दा पंजाब सरकार द्वारा पारित जल शोध अधिनियम का था। किसान मोर्चा का कहना है कि यह कानून पंजाब के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नियंत्रण केंद्र सरकार के हाथ में सौंपने की साजिश है, जिससे राज्य के अधिकार कमजोर हो जाएंगे। किसानों ने इस अधिनियम को पंजाब की संप्रभुता पर हमला बताया और इसे तुरंत रद्द करने की मांग की।
दूसरा अहम मुद्दा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर था। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह नीति विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की नियुक्ति से लेकर पाठ्यक्रम के निर्धारण तक केंद्र सरकार के हाथ में सारी शक्तियां सौंपती है। यह नीति राज्यों की स्वायत्तता को खत्म कर रही है और देश की भाषाई विविधता के खिलाफ है। किसान मोर्चा ने पंजाब सरकार से अपील की कि वह इस नीति को राज्य में लागू न करे और अपनी स्वतंत्र शिक्षा नीति तैयार करे।
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