Haryana News: हरियाणा में बिजली की दरों में हुई बढ़ोतरी

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Haryana News: हरियाणा में बिजली की दरों में हुई बढ़ोतरी
Haryana News: हरियाणा में बिजली की दरों में हुई बढ़ोतरी

20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हुई बिजली
1 अप्रैल से लागू होगी नई दरें
Chandigarh News (आज समाज) चंडीगढ़: हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को सरकार ने झटका दे दिया है। सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। गत रात्रि सरकार ने बिजली की दरों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। बिजली की दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा बिजली विनियामक आयोग की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी टैरिफ दरें 1 अप्रैल से ही लागू होंगी।

कृषि क्षेत्र के लिए बिजली प्रति यूनिट 6.48 रुपए से बढ़ा 7.35 रुपए की है। हालांकि, सरकार किसानों से 10 पैसे प्रति यूनिट ही लेती है। ऐसे में सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा। बिजली दरें बढ़ने से करीब 81 लाख उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने वर्ष 2022-23 में 150 यूनिट तक की खपत पर 25 पैसे यूनिट रेट बढ़ाए थे। बिजली निगमों का 4520 करोड़ रुपए के करीब का घाटा पूरा के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।

इंडस्ट्री के लिए बिजली दरों में किया इजाफा

इंडस्ट्री के लिए भी बिजली दरों में इजाफा हुआ है। हाई टेंशन लाइन सप्लाई में 30 से 35 पैसे और छोटे कारखानों की एलटी सप्लाई में 10 से 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। बल्क सप्लाई की दरें 40 पैसे तक बढ़ी है। इतना ही नहीं, अलग कैटेगरी के लिए बनाए गए स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इंडस्ट्री के अलावा बल्क सप्लाई के टैरिफ में भी कीमतों में इजाफा किया है। 11 केवी की सप्लाई के लिए 6 रुपये 65 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर 6 रुपए 95 पैसे प्रति यूनिट किया है। 33 केवी के कनेक्शन में 6 रुपये 55 पैसे की बजाय अब 6 रुपये 85 पैसे प्रति यूनिट अदा करना होगा।

300 यूनिट तक खपत वाले घरों को फायदा

सरकार ने इस बार तीन स्लैब बनाए हैं। इसमें अगर मेरे घरेलू कनेक्शन में खपत 150 यूनिट तक थी तो बिल 412.50 रुपए आता था। अब नए स्लैब में 30 रुपए ज्यादा चुकाने होंगे। हालांकि 300 यूनिट तक खपत वाले घरों को नए स्लैब में फायदा है। पहले 151-250 यूनिट पर 5.25 रुपए थे। अब ये दर 300 यूनिट तक पर लगेगी।

मीटर कनेक्शन वाले किसानों के लिए टैरिफ में कमी

किसानों को और अधिक राहत देने के लिए मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के लिए टैरिफ में कमी की गई है। इसमें लोड के अनुसार मासिक न्यूनतम शुल्क को मौजूदा टैरिफ 200 रुपए प्रति बीएचपी प्रति वर्ष से घटाकर 180 व 144 रुपए प्रति बीएचपी प्रति वर्ष किया गया है।

मशरूम कंपोस्ट और स्पॉन, हाईटेक हाइड्रोपोनिक्स, हाईटेक एरोपोनिक्स और कोल्ड स्टोरेज जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि उद्योग व एफपीओ के लिए 20 किलोवाट से ऊपर नया टैरिफ स्लैब बनाया गया है। इस निर्णय के साथ उपर्युक्त इकाइयों के लिए टैरिफ अब 6.50 रुपए प्रति यूनिट तय किया गया है। पहले 20 किलोवाट से अधिक लोड वाली एफपीओ इकाइयों को एलटी आपूर्ति श्रेणी के लिए लागू टैरिफ के साथ बिल भेजा जा रहा था।

विद्युत शवदाह गृह में 2.75 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलेगी

प्रीपेड स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को बिल में 5% की छूट दी गई है। वकीलों के चेंबर में एलटी आपूर्ति के अनुसार बिल लिया जाएगा। विद्युत शवदाह गृह में 2.75 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। पात्र गौशालाओं के लिए 2 रुपए प्रति किलोवाट प्रति घंटा बिजली दी जाएगी। सरकार सब्सिडी का भुगतान करेगी। इसके अलावा पूजा स्थानों का बिल घरेलू आपूर्ति टैरिफ के अनुसार होगा। अस्थाई आपूर्ति के लिए बिजली की दरें पहले की तरह रहेंगी।

200 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को एफएसए का भुगतान नहीं करना होगा

सरकार ने फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट को साल 2026 तक पहले ही बढ़ा दिया है। बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली बिल के हिसाब से 47 पैसे अतिरिक्त एफएसए देना होगा। 200 यूनिट से अधिक बिजली की खपत पर 94.47 रुपए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह फैसला करने का कारण बिजली निगमों पर बढ़ रहे डिफॉल्टिंग अमाउंट को बताया जा रहा है। हालांकि, 200 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को एफएसए का भुगतान नहीं करना है।

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