चुनाव प्रक्रिया शुरू, 20 अप्रैल के बाद होंगे चुनाव
Delhi News (आज समाज), नई दिल्ली। दिल्ली में एक दशक बाद विधानसभा की तस्वीर बदलने के बाद अब माना जा रहा है कि एमसीडी की तस्वीर बदलना तय है। कारण साफ है दिल्ली में विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने के बाद बहुत सारे आप पार्षद भाजपा को ज्वाइन कर चुके हैं वहीं अब दिल्ली में भाजपा के विधायकों और सांसदों की संख्या अधिक है इसका सीधा मतलब हुआ की मेयर और उपमेयर चुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी रहना तय है।
एमसीडी प्रशासन ने मेयर को लिखा पत्र
एमसीडी में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। एमसीडी प्रशासन ने वर्तमान मेयर को पत्र लिखकर चुनाव की तिथि तय करने का आग्रह किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह चुनाव 20 अप्रैल के बाद होंगे। एमसीडी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह चुनाव बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि चुनाव की तिथि निर्धारित होने के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उधर एमसीडी में सत्तारूढ़ आप अल्पमत में है।
यह है एमसीडी का मौजूदा गणित
मौजूदा गणित के अनुसार एमसीडी में 250 वार्ड हैं, जिनमें से 12 रिक्त हैं। भाजपा के पास 117 पार्षदों का समर्थन हैं, जबकि आप के पास 113 पार्षद हैं। इसके अलावा कांग्रेस के आठ पार्षद हैं। वहीं, भाजपा के 7 सांसद व 11 विधायक हैं, जबकि आप के तीन सांसद व तीन विधायक है। इस तरह भाजपा के लिए यह स्थिति उत्साहजनक है, क्योंकि वह अब मेयर पद का चुनाव जीतने की स्थिति में पहुंच चुकी है।
भाजपा ने की है 27 साल बाद वापसी
राजधानी दिल्ली में लगातार 11 साल के करीब शासन में बने रहने के बाद गत विधानसभा चुनाव में आप की करारी शिकस्त हुई। इसके साथ ही भाजपा करीब 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में आई। केंद्र में भाजपा सरकार ह होने व दिल्ली विधानसभा में भाजपा की सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों में बेचैनी बढ़ गई है। पिछले दिनों काफी संख्या में आप पार्षद पार्टी को बाय-बाय कहते हुए भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसी के चलते एमसीडी में आम आदमी पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर होने के कारण सत्ता में बने रहना आसान नहीं है। इस कारण अब उसके हाथ से एमसीडी की सत्ता जाने की आशंका गहराने लगी है।
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