दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप एक के नियम फिर किए गए लागू

Delhi Pollution News (आज समाज), नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में लोगों को कुछ दिन स्वच्छ हवा मिलने के बाद अब एक बार फिर से यह प्रदूषित हो गई है। बुधवार को एक्यूआई में वृद्धि दर्ज की गई। जिसके चलते ग्रैप-1 के नियम फिर से लागू कर दिए गए हैं। ज्ञात रहे कि पिछले कुछ दिन उत्तर पश्चिम से आने वाली तेज हवाओं के चलते दिल्ली की हवा साफ हुई थी। एक्यूआई 150 के आसपास पहुंच गया था जिसके चलते ग्रैप के सभी तरह के प्रतिबंध हटा दिए गए थे। लेकिन अब हवा की गति कम होते ही प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बढ़ गया जिसके चलते सरकार ने ग्रैप एक के प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए।

ग्रैप-1 में इन बातों का रखना होता है ध्यान

आमतौर पर ग्रैप-1 तब लागू किया जाता है, जब शहर का एक्यूआई 200 के पार पहुंच जाता है। ग्रैप-1 लागू होने के बाद होटलों और रेस्तरां में कोयला और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध होता है। साथ ही निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों में धूल शमन उपायों और सीएंडडी कचरे के ठोस पर्यावरण प्रबंधन पर निदेर्शों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाता है। इसमें 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के भूखंड आकार वाली ऐसी परियोजनाओं के संबंध में सीएंडडी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो संबंधित के वेब पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं।

इस तरह लागू होते हैं ग्रैप के प्रतिबंध

ग्रैप को दिल्ली-एनसीआर में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण के हिसाब से बांटा गया गया है। ग्रैप का चरण-1 उस वक्त लागू होता है, जब दिल्ली में एक्यूआई का स्तर 201-300 के बीच होता है। ग्रैप का दूसरा चरण उस परिस्थिति में प्रभावी होता है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 301-400 के बीच ‘बहुत खराब’ मापा जाता है। वहीं चरण-3 ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता के बीच लागू किया जाता है और जब एक्यूआई 401-450 के बीच होता है। वहीं ग्रैप कार्य योजना का अंतिम और आखिरी चरण-4 ‘गंभीर +’ वायु गुणवत्ता की परिस्थिति में लागू किया जाता है।

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