Aaj Samaj (आज समाज), CJI DY Chandrachud, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक जनहित याचिका पर याचिकाकर्ता को जमकर फटकार लगाई है। हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धार्मिक संस्थानों की संपत्ति के रख रखाव और प्रबंधन की जनहित याचिका दायर की गई थी। सीजेआई ने याचिकाकर्ता से कहा कि अपनी जनहित याचिका की प्रार्थना तो देख लीजिए।
प्रार्थना ऐसी होनी चाहिए जिस पर हम विचार कर सकें: सीजेआई
प्रार्थना ऐसी होनी चाहिए जिस पर हम विचार कर सकें। आपकी प्रार्थना तो लोकप्रियता पाने और मीडिया में बने रहने के लिए है। आप पहले अपनी याचिका वापस लीजिए नहीं तो हम उसे खारिज करने जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस फटकार के बाद याचिकाकर्ता बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने अपनी अर्जी वापस ले ली। अश्विनी उपाध्याय दूसरी अर्जी दाखिल करने की छूट चाह रहे थे मगर सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि लेकिन ये याचिका उनको वापस लेनी होगी। इसके बाद उपाध्याय ने अर्जी वापस ले ली। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक अन्य केस में हस्तक्षेप अर्जी दाखिल करने को कहा।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि अश्विनी उपाध्याय अपनी जनहित याचिका की जानकारी सबसे पहले मीडिया को बताते हैं, जबकि कोर्ट पहले इनकी प्रार्थना देख ले। ये अपनी याचिका में जिन मुद्दों पर कोर्ट का आदेश चाहते हैं वो अधिकार तो पहले ही संविधान में लिखा हुआ है।
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