(Charkhi Dadri News) चरखी दादरी। शहर में करीब & महीने पहले यातायात व्यवस्था को ठीक करने के मकसद से शहर के 5 चौक-चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थी। वहीं एक महीने पहले नगर परिषद चेयरमैन बख्शीराम सैनी ने नारियल फोडक़र इन लाइटों का शुभारंभ कर यातायात पुलिस के हैंडओवर भी कर दिया था। मगर आधी अधूरी व्यवस्थाओं के चलते ये लाइटें आज तक भी शुरू नहीं हो पाई हैं।
जेब्रा क्रासिंग नहीं होने व टूटी पड़ी सडक़ों के कारण 70 लाख की लागत से लगाई ये लाइटें महज शो पीस बनी हुई हैं। मगर फिलहाल ट्रैफिक पुलिस या नगर परिषद चेयरमैन लाइटों को चालू करवाने में दिलचस्पी भी नहीं दिखा रहे।
जनवरी को किया था उद्घाटन
यहां बता दें कि चरखी दादरी नगर परिषद द्वारा शहर के लोहारू चौक, महेंद्रगढ़ चौक, चिडिय़ा मोड़, दिल्ली बाईपास, रावलधी चौक व भिवानी चौक इन 5 जगहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थी। करीब & महीने पहले इन स्थानों पर ये लाईट लग चुकी हैं। मगर अभी तक इनका संचालन शुरू नहीं किया था। इसके लिए &0 जनवरी को नगर परिषद के चेयरमैन बख्शीराम सैनी ने इनका नारियल फोडक़र शुभारंभ किया और पुलिस को सौंपते हुए इनके संचालक की जिम्मेदारी सौंपी थी। मगर आधी-अधूरी तैयारियों के चलते शुभारंभ के एक माह बाद भी ये लाइटें शुरू नहीं हो पाई हैं।
चौक पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं बनाई
शहर में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ट्रैफिक लाइटें लगाकर इनका शुभारंभ कर दिया गया। मगर तैयारी पूरी नहीं होने के कारण अब इनके संचालन में परेशानी पेश आ रही है। सबसे बड़ी समस्या जेब्रा क्रॉसिंग की है। जिन 5 चौक-चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं, इनमें से एक पर भी जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है। जिसके चलते इनका संचालन नहीं हो पाया है।
जेब्रा क्रॉसिंग बनाने लायक सडक़ें नहीं
चरखी दादरी नगर परिषद द्वारा भले ही दूसरे शहरों की देखा-देखी ट्रैफिक लाइटें लगवाने में जल्दबाजी दिखाई गई हो, लेकिन इससे पहले जरूरी आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया। दादरी शहर में जिन चौक-चौराहों पर लाईट लगाई गई हैं, उनमें से अधिकतर चौक-चौराहों पर सडक़ें खस्ताहाल हैं। लोहारू चौक पर नेशनल हाईवे &&4-बी के हालात लिंक रोड से भी बदतर हैं। वहीं रावलधी चौक पर भी सडक़ें पूरी तरह से खस्ताहाल हैं। इन चौक पर जमीनी हकीकत ये है कि सडक़ पूरी तरह से टूट चुकी हैं और यहां पर सफेद पट्टी भी नहीं बनाई जा सकती।
पार्षदों ने बजट बैठक में उठाया था मुद्दा
वहीं 21 फरवरी को दादरी नगर परिषद की वार्षिक बजट बैठक में दर्जनभर पार्षदों ने इन ट्रैफिक लाइटों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। पार्षदों का कहना था कि ट्रैफिक लाइटें लगवाने का काम पुलिस का था। जबकि बेवजह ट्रैफिक लाइटें लगवाकर बजट की बर्बादी की है। उन्होंने कहा कि उनके वार्डों में सफाई के लिए कस्सी-तसले तक नहीं दिए गए हैं। जबकि करीब 70 लाख रुपए की बर्बादी ट्रैफिक लाइटों पर कर दी गई है जो किसी काम की नहीं हैं।
& दिन में शुरू करने की कही थी बात
नगर परिषद द्वारा&0 जनवरी को ट्रैफिक लाइटें यातायात पुलिस के हैंडओवर कर दिया गया था। उस दौरान पुलिस द्वारा & दिन में लाइटें शुरू करवाने की बात कही गई थी। पुलिस द्वारा बताया गया था कि पहले & दिन लोगों के चालान करने की बजाय समझाएंगे उसके बाद चालान करने शुरू किए जाएंगे। मगर जो स्थिति एक माह पहले थी वही स्थिति आज है और ट्रैफिक लाइटों पर सफेद पट्टी तक नहीं है और लोगों को ये भी नहीं पता कि रूकना कहां है।