(Charkhi Dadari News) बाढड़ा। भिवानी, दादरी, महेन्द्रगढ क्षेत्र में बड़े स्तर पर भूमिगत गैस पाईपलाईन व बिजली आपूर्ति के लिए बड़ी बड़ी हाईटेंशन आपूर्ति लाईनों की स्थापना की जा रही है जिससे किसानों की बहुमूल्य भूमि भी प्रयोग की जा रही है। प्रदेश सरकार को किसानों को बहला फुसलाकर भूमि हड़पने की बजाए पीडि़त किसानों के प्रभावित रकबे का मार्केट रेट पर मुआवजा देना चाहिए।
पीडि़त किसानों के प्रभावित रकबे का मार्केट रेट पर मुआवजा देना चाहिए : कमल प्रधान
यह बात युवा कल्याण संगठन प्रदेश सरंक्षक कमल प्रधान भिवानी ने उपमंडल मुख्यालय पर प्रभावित किसानों से मुलाकात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज किसान व नौजवान की सबसे अधिक उपेक्षा बरती जा रही है। कृषि क्षेत्र में आज लागत अधिक व मुनाफा कम होने से युवाओं का खेतीबाड़ी से मोहभंग होता जा रहा है। गरीब आदमी की आजीविका का एकमात्र कृषि भूमि पर भी बिजली के बड़े बड़े टावरों व भूमिगत पाईप लाईनों से उनसे नाममात्र के मुआवजे से छिनने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार एक तरफ तो किसानों के फसलों के भाव देने ाक दावा कर रही है जबकी धरातल पर किसान गरीबी की दलदल में धंसता जा रहा है।
सरकार को अविलंब प्रभाव से किसानों का भविष्य की रक्षा करते हुए उनको मार्केट रेट पर मुआवजा देने के साथ साथ रायल्टी का भी एलान करना चाहिए। युवा कल्याण संगठन किसानों व युवाओं के हितों के लिए लगातार संघर्षरत रहे हैं और भविष्य में भी किसानों की लड़ाई जारी रखी जाएगी। क्षेत्र के सहकारी समिति केन्द्रों पर डीएपी की भारी किल्लत मची हुई है वहीं कालेजों में प्राध्यापकों के पद रिक्त होने से युवाओं का भविष्य गर्त में जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेलों से कुश्ती, हाकी जैसे भारतीय आमजन के परंपरागत प्रिय खेलों को हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है और केन्द्र सरकार को इस पर तत्काल पैरवी करनी चाहिए।
बेटियों व युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
शिक्षण सत्र आधा बीत गया है लेकिन दादरी जिले के सभी सरकारी कालेजों में शिक्षण स्टाफ का अस्सी फिसदी पद रिक्त होना हमारी बहन बेटियों व युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। युवा कल्याण संगठन इस मामले में नवनिर्वाचित्त दोनों विधायकों से अपील करता है कि वह अपने क्षेत्र के लडक़े लड़कियों के भविष्य की रक्षा करते हुए प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री को यहां के हालात से वाकिफ करवा कर प्राध्यापकों की तैनाती करवानी चाहिए। उपमंडल क्षेत्र में डीएपी की आवक न होने तथा कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में कब आएगी इस पर कोई स्पष्ट जवाब न देना किसानों व कृषि के साथ भद्दा मजाक है।
कस्बे में पिछले सात दिनों से डीएपी न होने से वह मजबूरीवश हमें डीएपी के दो दो बैग के साथ मजबूरन खाद बीज विक्रेताओं से गेहूं का बीज या दूसरी खाद लेना पड़ रहा है जो किसानों की जेब पर भारी पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से गेहूं की बिजाई के दौर को देखते हुए तुरंत खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनके अलावा भाकियू अध्यक्ष हरपाल भांडवा, मा. विनोद मांढी, महासचिव ओमप्रकाश उमरवास, पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, रणधीर सिंह हुई, मुकेश शर्मा ढाणीमाहू, करतार सिंह, रमेश कुमार इत्यादि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें: Mahendragarh News : ग्रैप-4 को कड़ाई से लागू करवाएं अधिकारी : उपायुक्त