Chandigarh News: शिमला हाईवे पर टिपरा, कालका के पास सड़क किनारे ट्रक और टिप्परों का खड़ा होना लगातार हादसों को न्योता दे रहा है। हाल ही में इसी स्थान पर हुए दर्दनाक हादसे में चार लोगों की जान चली गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की अनदेखी जारी है। ट्रक और टिप्पर चालक मनमाने तरीके से वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े कर देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसे ही हादसे होते रहे तो उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि पुलिस की ड्यूटी सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक बताई जाती है, लेकिन हकीकत में सुबह8 बजे सुरु होकर 7 बजे के बाद भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नजर नहीं आता। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
पुलिस प्रशासन का क्या कहना है
इस मुद्दे पर जब ट्रैफिक इंचार्ज नरेंद्र से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक रहती है। लेकिन इसके बाद की जिम्मेदारी किसकी होगी, इसका जवाब पुलिस प्रशासन को देना चाहिए।
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर ट्रकों और टिप्परों की मनमानी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। हाईवे पर चौबीसों घंटे पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था हो और दोषी वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर प्रशासन अब भी लापरवाह बना रहा तो कभी भी एक और बड़ा हादसा हो सकता है, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ेगा।
चंडीगढ़ शिमला हाईवे पर टिपरा के पास पर 7:40 पर खड़ी हुई ट्रैकों की लाइन ।फोटो; जितेंद्र शर्मा