Chandigarh News: सैक्टर – 20 पंचकूला में स्थित चिन्मय मिशन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय द्विसत्रीया (सुबह-शाम) ज्ञान यज्ञ का आज सांय 25 फरवरी को स्वामी देवात्मानन्द जी के सांय 5.30 से 7 बजे के प्रवचन के बाद गुरु दक्षिणा व प्रसाद पुस्तिका वितरण के कार्यक्रम साथ समापन हुआ l
इस ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन 100 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया । प्रातः स्वामी जी द्वारा निर्देशित प्राणायाम व ध्यान अभ्यास व सांय श्रीमद्भागवद गीता के छठे अध्याय ध्यान योग पर स्वामी जी के सरल भाषा में दिये प्रवचनों का लोगों ने भरपूर आनंद उठाया व लाभांवित हुये। चिन्मय मिशन पंचकूला की सचिव श्रीमती सुनीशा शर्मा ने पूज्य स्वामी जी के साथ अपने सभी सहयोगियों, साथियों व श्रद्धालुओं का इस ज्ञान यज्ञ की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया।
मिशन की रेजिडेंट आचार्य ब्रह्मचारिणी कालिंदी चैतन्य जी ने बताया कि चिन्मय श्रुति आश्रम में श्री रामेश्वर महादेव मंदिर के इलावा भगवान श्री कृष्ण मंदिर व नवस्थापित पंचमुखी हनुमान मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु सुबह व सायं पूजा अर्चना व आरती में भाग लेने के लिये आते हैं।
आश्रम के परिसर में बाहर एक विशालकाय हनुमान जी प्रतिमा भी स्थापित है जो चिन्मय आश्रम की पहचान बन गया है । आचार्य जी स्वयं सप्ताह में तीन दिन रविवार, बुधवार व बृहस्पतिवार को क्रमशः श्रीमदभगवद्गीता, तत्व बोध व श्रीमदभागवद्महापुराण कथा पर प्रवचन देती है ।
इस के इलावा यहां हर मंगलवार को सामूहिक सुंदरकांड का पाठ होता है और हर सोमवार के दिन 6 से 14 वर्ष के बच्चों को अच्छे संस्कार व नैतिक मूल्य सीखने के लिये बाल विहार क्लास भी लगती है। 2 से 6 वर्ष के बच्चों के लिये शिशु विहार, युवाओं के लिए युवावीर और महिलाओं का देवी ग्रुप भी चल रहा है l
यहां संगीतमय भजन गायन सीखने के लिये स्वरांजलि ग्रुप भी स्थापित है । यहां पर हर बुधवार को स्वाध्याय व शनिवार को वानप्रस्थ ग्रुप के सदस्य आध्यात्मिक, स्वास्थ्य व प्रौढ़ संस्कार के विषयों पर परस्पर चर्चा करते हैं। यहाँ नियमित रूप से मासिक गुरु पादुका पूजा, संक्रांति हवन , एकादशी पूजाव लगभग सभी हिन्दू पर्व बड़े विधिवत ढंग व उत्साह के साथ मनाये जाते है।
समय समय पर चिन्मय मिशन के अतिथि स्वामियों द्वारा लोगों के रुचि के आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचनों की व्यवस्था भी की जाती है। यहां चिन्मय मिशन व अन्य संस्थाओं की धार्मिक व आध्यात्मिक पुस्तकों की एक अच्छी लाइब्रेरी है यहां पर लोग सुबह 10 से 12 बजे तक व सायं 3 से 5 बजे तक आकर अध्ययन कर सकते है ।
यहाँ चिन्मय वाणी बुक स्टाल पर चिन्मय मिशन प्रकाशन की आध्यात्मिक और अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकों का विक्रय भी होता है। आने वाले समय में यह चिन्मय श्रुति केंद्र वेदांत श्रवण, पठन व् शिक्षण का एक बड़ा केंद्र बन जायेगा। इन सब कार्यों के पीछे चिन्मय मिशन का मुख्य उद्देश्य है समग्र मानव जाति का आध्यात्मिक उत्थान करना l
चिन्मय मिशन का ध्येय वाक्य है ‘ अधिक से अधिक लोगों को अधिक से अधिक काल के लिए अधिक से अधिक सुख व खुशी प्रदान करना ‘ सेवा,संस्कार व ज्ञान के कार्यक्रमों द्वारा l
मिशन द्वारा महाशिवरात्रि के शुभ अवसर 26 फरवरी को श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों के लिये पूजा अर्चना व जल और रुद्राभिषेक की विशेष व्यवस्था की गई है। शिवरात्रि को भक्तों द्वारा चार पहर की पूजा का पूरा प्रबंध का भी किया गया है जिस में श्रद्धालु किसी भी पहर में पूजा का समय बुक कर सामूहिक रुद्राभिषेक कर सकते है । चार पहर रात्रि पूजा का समापन अगले दिन प्रातः हवन के साथ होगा। दिन में दूध व फलों का प्रसाद वितरित किया जाएगा।