Chandigarh News:  निवासी रिटायर्ड कर्नल से फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारी बनकर देशद्रोह में फंसाने का डर दिखा 3.40 करोड़ रुपए ठगने का मामला सामने आया है। ठगों ने उन्हें 10 दिन तक हाउस अरेस्ट कर रखा और परिवार की हत्या की धमकी देकर रकम ट्रांसफर करवा ली।
पीड़ित ने सेक्टर 17 साइबर थाने में शिकायत देकर केस दर्ज कराया है। वहीं आज एसपी गीतांजली खंडेवाल ने कहा कि आरोपी डर को ही हथियार बनाकर ठग रहे हैं।
फर्जी ईडी अधिकारी बनकर डराया
रिटायर्ड कर्नल दिलीप सिंह बाजवा ने बताया कि 18 मार्च को उन्हें व्हाट्सएप पर कॉल आया, जिसमें बात करने वाले ने खुद को ईडी का बड़ा अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनका केनरा बैंक खाता मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में शामिल पाया गया है। ठगों ने दावा किया कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल ने उनके नाम का इस्तेमाल किया है और उन्हें इसमें फंसाया गया है।
जब कर्नल ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया तो ठगों ने उन्हें विश्वास में लेने के लिए वीडियो कॉल पर उनके नाम का फर्जी डेबिट कार्ड दिखाया। इतना ही नहीं, व्हाट्सएप पर सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेशों की कॉपी भी भेजी गई।
परिवार की हत्या की धमकी देकर 3.40 करोड़ ऐंठे
ठगों ने दंपती को धमकाया कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो उनके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा, क्योंकि नरेश गोयल पहले भी एक व्हिसलब्लोअर के परिवार की हत्या करवा चुका है। इस डर से बुजुर्ग दंपती ने खुद को घर में कैद कर लिया और बाहर किसी से संपर्क नहीं किया।
इस दौरान ठगों ने कहा कि या तो वे मुंबई आकर जांच में सहयोग करें या फिर अपनी निर्दोषता साबित करने के लिए ईडी के खातों में रकम ट्रांसफर करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। डर और दबाव में आकर कर्नल ने अपनी एफडी तुड़वाकर पांच बार में कुल 3.40 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। ठगो ने कर्नल और उसकी पत्नी को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा।
फर्जी दस्तावेज करते है तैयार
एसपी गीतांजलि खंडेवाल ने कहा कि साइबर सेल द्वारा शहर के सीनियर सिटीजन के साथ कई बार मीटिंग कर जागरूक किया जा चुका है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट के बारे में भी बताया गया है कि ऐसा कुछ नहीं होता। एसपी ने बताया कि आरोपी सभी दस्तावेज फर्जी तैयार कर लेते हैं और फर्जी कोर्ट भी बनाकर लोगों को डराकर पैसे ऐंठते हैं।