Chandigarh News: पंजाब विश्वविद्यालय के लड़कों के छात्रावास नंबर 3 द्वारा 64वीं वर्षगांठ मनाई। यह छात्रावास पहली बार 26 फरवरी, 1961 को भारत सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ. के.एल. श्रीमाली द्वारा लोकार्पित किया गया था।
इस मौके पर तीन नई सुविधाओं बैडमिंटन कोर्ट, खेल कोर्ट के लिए फ्लड लाइट्स की स्थापना और अपशिष्ट निपटान स्थल का उद्घाटन प्रोफेसर अमित चौहान, डीन, छात्र कल्याण, प्रोफेसर सिमरित काहलों, डीन छात्र कल्याण (महिला), प्रोफेसर नरेश कुमार, एसोसिएट डीन, छात्र कल्याण, डॉ. अनिल ठाकुर, कार्यकारी अभियंता और राजपाल, एसडीओ द्वारा किया गया। बीएच-3 के वार्डन डॉ. सुच्चा सिंह ने बताया कि बीएच-3 के निवासियों को अब देर रात को 10 बजे तक उचित रोशनी के साथ नए बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबॉल कोर्ट जैसी खेल कोर्ट की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा, कचरा निपटान स्थल के निर्माण से अब उचित कचरा प्रबंधन सुनिश्चित होगा एवं आस-पास के क्षेत्र में कचरे और कूड़े के फैलाव को रोका जा सकेगा तथा बीएच-3 में सीमेंटेड और दीवार वाले निपटान स्थल पर चूहों के प्रजनन को रोककर सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य को होने वाले खतरों को रोका जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए खेल पहल के तहत अंतर-छात्रावास वॉलीबॉल टूर्नामेंट का पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रमुख, विभिन्न पीयू छात्रावासों के वार्डन, डीएसडब्ल्यू कार्यालय कर्मचारी, निर्माण कार्यालय कर्मचारी, बीएच-3 कर्मचारी और निवासी शामिल थे।