पंजाब प्रांत प्रचारक ने भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को जनवरी-फरवरी के महीनों की जानकारी होती है, लेकिन पौष और माघ जैसे भारतीय महीनों के महत्व से वे अनभिज्ञ रहते हैं। उन्होंने नववर्ष के वैदिक महत्व की विस्तार से व्याख्या की।
अन्य विशिष्ट वक्ताओं में शामिल थे:
श्रीमान संजीवन जी, राजस्थान एवं उत्तर क्षेत्रीय आरोग्य भारती प्रमुख,
बनवीर , उत्तर क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख प्रो. डॉ. वाई. एस. बंसल, विभागाध्यक्ष, फॉरेंसिक, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ – जिन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। प्रो. डॉ. जे. एस. ठाकुर, कम्युनिटी मेडिसिन, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ – जिन्होंने गैर-संचारी पर चर्चा की और हार्ट अटैक से बचाव के उपाय बताए। प्रो. डॉ. संजय बडाडा विभागाध्यक्ष, एंडोक्राइनोलॉजी, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ – जिन्होंने मधुमेह (डायबिटीज) पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर नव्य भारत समिति के अध्यक्ष निर्मल कुमार ठाकुर, उपाध्यक्ष सत्यवीर डागर, डॉ. लक्ष्मीनारायण (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी), महेश जोशी (मीडिया प्रभारी) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य जागरूकता और समाज सुधार पर एक प्रभावशाली संदेश दिया और उपस्थित युवाओं को भारतीय नववर्ष के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।