दिल्ली दंगा मामले में एफआईआर होगी दर्ज

Delhi News Update (आज समाज), नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली भाजपा सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दरअसल यह केस 2020 दिल्ली दंगों से संबंधित है और इसमें भाजपा नेता और दिल्ली के वर्तमान कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा की भूमिका भी संदिग्ध है। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया है।

मजिस्ट्रेट ने यह कहा

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चैरसिया ने इसे प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया, जिसमें उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश ने कहा कि यह साफ है कि दंगों के दौरान कपिल इलाके में थे। इसमें आगे जांच की जरूरत है। न्यायाधीश यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी, जिसका दिल्ली पुलिस ने विरोध किया और दावा किया कि दंगों में मिश्रा की कोई भूमिका नहीं थी।

कपिल मिश्रा हिंदुत्व का बढ़ा चेहरा

कपिल मिश्रा का जन्म पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में 13 नवंबर 1980 को हुआ था। उनकी मां अन्नपूर्णा मिश्रा भाजपा नेता रही हैं। वे पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मेयर भी रहीं। भाजपा में कपिल मिश्रा को हिंदुत्व के बड़े चेहरे के रूप में देखा जाता है। कपिल मिश्रा ने भाजपा के टिकट से करावल नगर विधानसभा से आम आदमी पार्टी के मनोज कुमार त्यागी को 23,355 वोटों से हराया।

अक्सर चर्चा में रहते हैं कपिल मिश्रा

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले कपिल मिश्रा को 2015 में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार में जल और पर्यटन मंत्री बनाया गया था। लेकिन केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद उन्हें मंत्रालय हटा दिया गया था। कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर 2 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसकी शिकायत उन्होंने एसीबी में की थी।

ये भी पढ़ें : Delhi Air Pollution : पिछले पांच साल में बढ़ा दिल्ली में प्रदूषण का कहर

ये भी पढ़ें : Delhi Breaking News : आप गवा सकती है एमसीडी की कमान