कहा, विधायकों की वेतन वृद्धि जनविरोधी और जनता से धोखा

Delhi News Update (आज समाज), नई दिल्ली। दिल्ली कांग्रेस ने विधायकों के वेतन में वृद्धि के फैसले का विरोध करते हुए इसे जन विरोधी करार दिया और कहा कि यह दिल्ली की जनता के साथ धोखा है। यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा की मिलीभगत से यह फैसला लिया गया है। ऐसे समय में जब दिल्ली की आर्थिक स्थिति लगातार गिर रही है, और आम जनता को महंगाई और बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ रही है, विधायकों के वेतन में इतनी जल्दी वृद्धि करना जनता के साथ धोखा है, क्योंकि 2023 में दिल्ली के विधायकों के वेतन में 66 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी।

जनहित योजनाओं का पैसा वेतन वृद्धि में लगाया

देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार ने जनहित योजनाओं का बजट घटाकर विधायकों का वेतन बढ़ाकर शिक्षा, जल आपूर्ति, स्वच्छता, आवास एवं शहरी विकास, ऊर्जा, कृषि एवं ग्रामीण विकास, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण जैसी आवश्यक योजनाओं के बजट में कटौती की है। उदाहरण के लिए जल आपूर्ति और सेनिटेशन प्रोजेक्ट्स के बजट को 18 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। ऐसे में विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी जनता के पैसे का गलत उपयोग होगा।

दिल्ली को कर्ज की दलदल में धकेल रहीं सरकारें

देवेन्द्र यादव ने भाजपा सरकार को आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पर पहले ही भारी कर्ज है, और इस बजट में 15,000 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने की घोषणा हुई है। इसके अलावा, सरकार ने 9,500 करोड़ रुपये कर के रुप में वसूलने का निर्णय लिया है।

वहीं, ब्याज भुगतान के बजट में 420 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई है, जिससे सरकार के कर्ज का बोझ और बढ़ेगा, जिसको कि जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से वसूला जाएगा। यह जनता की जब पर सीधा डाका है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह निर्णय जनता के साथ अन्यायपूर्ण है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। आम जनता को राहत देने की बजाय, विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी करना एक शर्मनाक और जनविरोधी कदम है।

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