- वैश्य महाविद्यालय भिवानी में “कैरियर में सुनिश्चित सफलता: बायोडाटा बनाम साक्षात्कार” विषय पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन
(Bhiwani News) भिवानी। वैश्य महाविद्यालय भिवानी के स्वपोषित विभाग द्वारा “कैरियर में सुनिश्चित सफलता : बायोडाटा बनाम साक्षात्कार” विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को करियर निर्माण में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर एन.के. चड्डा, मुख्य अतिथि के रूप में एनसीटी, दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, हरियाणा एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. दलीप सिंह तथा रोटरी क्लब के डिप्टी गवर्नर (डिस्ट्रिक 3011) व वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. सुरेश गुप्ता उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट शिवरतन गुप्ता एवं ट्रस्टी डॉ. पवन बुवानीवाला की गरिमामय उपस्थिति भी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों, वैश्य महाविद्यालय भिवानी के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल, डीन एकेडमिक डॉ. नरेंद्र चाहर, डीन युवा कल्याण प्रो. धीरज त्रिखा एवं स्वपोषित विभाग की डायरेक्टर डॉ. प्रोमिला सुहाग द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। मंच का सफल संचालन स्वपोषित विभाग की डायरेक्टर डॉ. प्रोमिला सुहाग ने किया।
आत्म-जागरूकता कैरियर की सफलता के लिए एक मजबूत आधार
मुख्य वक्ता प्रो. एन.के. चड्डा ने कहा कि आत्म-जागरूकता न केवल व्यक्तिगत विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है, बल्कि दीर्घकालिक कैरियर की सफलता के लिए एक मजबूत आधार भी है। जो युवा आत्म-जागरूक होते हैं, वे अपने करियर में निरंतर प्रगति कर सकते हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को बायोडाटा, रिज्यूम और सी.वी. के अंतर को समझाते हुए रिज्यूमे मेकिंग और साक्षात्कार की बारीकियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास एवं लक्ष्य निर्धारण, सफलता की नींव होते हैं। विद्यार्थी अपनी झिझक को खत्म कर अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर ऊंचाइयों को छू सकते हैं। उन्होंने कहा कि हौसले एवं काबिलियत के बल पर ही विद्यार्थी अपने मुकाम को हासिल कर सकता है।
साक्षात्कार के दौरान आत्म-प्रस्तुति एवं संवाद कौशल का विशेष महत्व
विद्यार्थी जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और व्यवहार कुशलता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि साक्षात्कार के दौरान आत्म-प्रस्तुति एवं संवाद कौशल का विशेष महत्व होता है।
मुख्य अतिथि एनसीटी, दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को इमोशनल इंटेलिजेंस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करियर निर्माण में मानसिक संतुलन और भावनात्मक बुद्धिमत्ता का अहम योगदान होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर के प्रति सजग रहने और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने की सलाह दी।
विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, हरियाणा एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. दलीप सिंह ने कहा कि आधुनिक युग में करियर निर्माण के लिए नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने अपनी अनुभवों की रोशनी में विद्यार्थियों को करियर से जुड़ी उपयोगी जानकारियां साझा कीं।
वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के ट्रस्टी एडवोकेट शिवरतन गुप्ता एवं ट्रस्टी डॉ. पवन बुवानीवाला ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान कर उन्हें रोजगार के उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध करवाना ही संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
सेमिनार विद्यार्थियों के लिए संजीवनी की तरह कार्य करते
वैश्य महाविद्यालय भिवानी के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार विद्यार्थियों के लिए संजीवनी की तरह कार्य करते हैं। इनसे प्राप्त अनुभवों से विद्यार्थी अपने कौशल का विकास कर अपने करियर को सशक्त बना सकते हैं।
इस अवसर पर सेमिनार में पधारे सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों ने इस सेमिनार में भाग लिया और करियर निर्माण से जुड़ी बारीकियों को विस्तार से सीखा। सेमिनार को सफल बनाने में सभी स्टाफ सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
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