चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को स्वरोजगार अपनाकर नए रोजगार सृजित करने एवं उद्यम शील बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।ये विचार डीन वाणिज्य एवं प्रबंधन डा. सुनीता भरतवाल ने विश्वविद्यालय के आठवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रेस को जारी ब्यान में कहे। उन्होंने कहा कि चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय की नींव के साथ ही 2014 में वाणिज्य विभाग की नींव रखी और बाद में 2015 में प्रबंधन विभाग और अर्थशास्त्र विभाग की स्थापना में स्नातकोत्तर कोर्सेज का संचालन प्रारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि वाणिज्य, एमए (अर्थशास्त्र)और प्रबंधन तीनों कोर्सेज को वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय में रखा गया है। विश्वविद्यालय द्वारा वाणिज्य में पीएचडी 2019 में शुरू किया गया था और फिर प्रबंधन विभाग ने भी 2020 में अपना पीएचडी कार्यक्रम शुरू किया। 100 से अधिक के साथ एक मजबूत शोध प्रोफाइल वाले छात्रों को सर्वोत्तम शिक्षा और शोध के अवसर प्रदान करना है। वाणिज्य और प्रबंधन संकाय अपनी मूल्यांकन प्रणाली के रूप में योगात्मक मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण सुनिश्चित किया जा सके।
विश्वविद्यालय द्वारा भिवानी और दादरी जिलों को आत्मनिर्भर अभियान के तहत जिला स्तरीय सर्वेक्षण और इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर समन्वय करना, छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और छात्रों को स्वरोजगार पैदा करने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना विशेष प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा सीबीएलयू ई-मार्ट को वाणिज्य विभाग की मदद से शुरू किया है जिसमें उनके द्वारा निर्मित उत्पाद छात्रों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए व्यापार कौशल बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय ने यूनाइटेड इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी आफ ढाका के साथ एक समझौता ज्ञापन और एक फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी हस्ताक्षर किए हैं। यह विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। ग्रामीण पृष्ठभूमि की बेटियों में वाणिज्य, अर्थ शास्त्र एवं प्रबंधन में विशेष रूचि देखने को मिल रही है जोकि भविष्य में इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में एक वरदान साबित होगी।