Amit Shah On Manipur Violence, (आज समाज), नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में काफी समय से शांति है और हम हिंसा खत्म कर शांति वापस लाने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्यसभा में आज सुबह उन्होंने एक वैधानिक प्रस्ताव पारित कर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने की पुष्टि की जिसका सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने समर्थन किया। विपक्षी दलों ने केंद्र पर हिंसा को नियंत्रित करने और राज्य में शांति बहाल करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

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प्रस्ताव पर चर्चा के अंत में सदन को किया संबोधित

अमित शाह ने प्रस्ताव पर चर्चा के अंत में सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर के दो समुदायों के साथ जल्द दिल्ली में बैठक होने की संभावना है। गृह मंत्री ने बताया कि सदन की कार्यवाही के दौरान मणिपुर में समुदायों के बीच दो बैठकें पहले ही हो चुकी हैं। शाह ने बताया कि कुल तेरह बैठकें हो चुकी हैं और अगली बैठक भी जल्द होने वाली है जिसमें मुद्दे का समाधान होगा।

संवाद का रास्ता खुला

अमित शाह ने कहा, संवाद का रास्ता खुला है और हम इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि मणिपुर में शून्य हिंसा हुई है। कांग्रेस व उसके सहयोगियों पर इस मामले पर गृह मंत्री ने गलत सूचना फैलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था और जैसे ही खबर सामने आई, कांग्रेस ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया, जबकि पार्टी के पास संख्या नहीं थी। अमित शाह ने कहा, मैं रिकॉर्ड को स्पष्ट करना चाहता हूं।

मणिपुर सरकार के खिलाफ नहीं था अविश्वास प्रस्ताव

मणिपुर सरकार (Manipur Government) के खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं था। कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या नहीं थी। अमित शाह ने कहा, वे अविश्वास प्रस्ताव लाने की स्थिति में नहीं थे और मणिपुर के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया था। सिंह के पद छोड़ने के बाद, कांग्रेस सहित किसी अन्य पार्टी ने, जिसके पास पांच विधायक हैं, नई सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया, जिसके कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

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