America New Tariff Policy : अमेरिका ने जारी की नई टैरिफ की सूची

0
122
America New Tariff Policy : अमेरिका ने जारी की नई टैरिफ की सूची
America New Tariff Policy : अमेरिका ने जारी की नई टैरिफ की सूची

भारत को अन्य कई देशों के मुकाबले कम टैरिफ देना होगा, सबसे ज्यादा शिकंजा चीन पर कसा गया

America New Tariff Policy (आज समाज), बिजनेस डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति ने विश्व के कई देशों के खिलाफ नई टैरिफ योजना की घोषणा कर दी है। जिन देशों के खिलाफ अमेरिका ने टैरिफ नीति में बदलाव करते हए नई दरें लागू की हैं उनमें भारत भी शामिल है। ज्ञात रहे कि गत माह ही डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में दिए गए अपने भाषण में भारत सहित कई देशों के साथ व्यापार को लेकर नई टैरिफ लगाने का ऐलान किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति के ऐलान के बाद से ही भारतीय उद्योगपति इस चिंता में डूबे थे कि अमेरिका भारत के प्रति क्या रवैया अपनाएगा। लेकिन अब जबकि अमेरिका की नई टैरिफ दरें घोषित हो चुकी हैं तो भारतीय उद्योगपतियों की चिंता भी समाप्त हो गई है। इसका कारण यह है कि अमेरिका ने जहां पहले पारस्परिक टैरिफ नीति लागू करने की बात कही थी वहीं अब उसने भारत पर मात्र 27 प्रतिशत ही टैरिफ लगाया है।

भारत के पास निर्यात को बढ़ाने का मौका

ट्रंप ने भारत से कहीं ज्यादा टैरिफ चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, थाईलैंड, ताईवान और वियतनाम जैसे देशों पर लगाया है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के मुताबिक ट्रंप ने जहां इन देशों पर 36% से 54% तक टैरिफ लगाया गया है, वहीं भारत के लिए यह 27% तक ही है। लिहाजा अमेरिकी बाजार में इन देशों के एक्सपोर्ट्स के मुकाबले भारतीय निर्यात बेहतर स्थिति में आ सकते हैं। भारत को टैरिफ में इस अंतर का सबसे बड़ा लाभ टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर्स में मिलने की उम्मीद है।

इन देशों पर लगाया सबसे ज्यादा टैरिफ

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 54%, वियतनाम पर 46%, श्रीलंका पर 44%, बांग्लादेश पर 37%, थाईलैंड पर 36%, ताईवान पर 32% और पाकिस्तान पर 29% टैरिफ लगाया है, जो भारत पर लगाए गए टैरिफ की तुलना में कम है। भारत के स्टील, एल्युमिनियम और आॅटोमोबाइल सेक्टर पर टैरिफ की दर 25% ही है, जबकि फार्मा, सेमीकंडक्टर्स, कॉपर और एनर्जी प्रोडक्ट्स पर फिलहाल कोई टैरिफ नहीं लगेगा।

भारत के पास फायदा उठाने का मौका

अमेरिकी टैरिफ से बदले हालात का पूरा फायदा उठाने के लिए भारत को कुछ जरूरी कदम भी उठाने पड़ सकते हैं। इनमें लॉजिस्टिक्स में इनवेस्टमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और कारोबार करना आसान बनाने के मोर्चे पर किए जाने वाले सुधार शामिल हैं। अगर भारत लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाए और पॉलिसी में स्टेबिलिटी बनाए रखे, तो वह अगले कुछ सालों में एक प्रमुख ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेंटर बन सकता है।

ये भी पढ़ें : Gold Price Today : सोना स्थिर, चांदी एक हजार रुपए टूटी

ये भी पढ़ें : Business News : विकास दर में इस साल भारत विश्व को चौंका देगा