Ambala News : डीएवी कॉलेज अंबाला के भूगोल विभाग ने भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकी विषय पर सेमिनार किया आयोजित

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Ambala News : डीएवी कॉलेज अंबाला के भूगोल विभाग ने भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकी विषय पर सेमिनार किया आयोजित
मुख्यातिथि को सम्मानित करते हुए।

Ambala News | अंबाला। डीएवी कॉलेज अंबाला शहर के भूगोल विभाग ने स्काईलाइन इंस्टीट्यूट आॅफ जियोइन्फॉर्मेशन, रोहतक के सहयोग से ‘भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकी, अनुप्रयोग और उसमें रोजगार के अवसर’ विषय पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया।

इस सेमिनार में भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व और इसके विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान की गई और साथ ही इस क्षेत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया गया। त्पश्चात, कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. राजीव महाजन एवं उप प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ) आर. एस. परमार ने सेमिनार के मुख्य वक्ता श्री अजय देशवाल, सीनियर मैनेजर (एकेडमिक्स), स्काईलाइन इंस्टीट्यूट आॅफ जियोइन्फॉर्मेशन, रोहतक का पौधा और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

सेमिनार के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डा.) आर.एस. परमार ने मुख्य वक्ता का परिचय करवाते हुए श्री अजय देशवाल के अनुभव और विशेषज्ञता के बारे में जानकारी दी और उन्होंने विद्यार्थियों को य़ह भी बताया कि आज के कंप्युटर युग में भूगोल विषय में नई भौगोलिक प्रौद्योगिकियों के आने से भूगोल में अध्यापन और शोध कार्यों को नई दिशा मिली है, वहीं इन प्रौद्योगिकियों ने युवाओं के लिए इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसरों का भी सृजन किया है ’

इसके बाद कालेज के प्राचार्य प्रो. राजीव महाजन ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रौद्योगिकियों का ज्ञान और उनके उपयोगों की जानकारी आज के समय की मांग है। ऐसा ज्ञान विद्यार्थियों को रोजगार के बाजार में कुशलता और सशक्त बनाता है। विद्यार्थियों को आज के सेमिनार में प्रदान की जाने वली से अवश्य लाभ उठाना चाहिए।

भारत में भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकियों की मांग काफी तेजी से बढ़ रही

मुख्य वक्ता अजय देशवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकियों और उनके विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयोगों को विस्तृत रूप से बताया। उन्होंने य़ह भी बताया कि आजकल भारत में भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकियों की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है और यह युवाओं को बेहतर करियर विकल्प प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर केवल भूगोल के विद्यार्थियों के लिए ही नहीं है बल्कि अन्य विषयों के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए भी समान रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं ’

उन्होंने यह भी बताया कि जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम्स, रिमोट सेंसिंग और जी. पी. एस. जैसी तकनीकें न केवल निर्णय लेने में सहायक हैं, बल्कि संसाधनों के कुशल प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है और यह उन लोगों के लिए आकर्षक करियर के अवसर प्रदान करता है, जो भौगोलिक सूचना प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओ को बहुत ही आकर्षक वेतन और सुविधाएं मिलती है। रोजगार प्राइवेट और सरकारी क्षेत्र में मिल सकता है। उन्होंने युवाओं को इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें तकनीकी कौशल प्राप्त करने के महत्व को रेखांकित किया। सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और मुख्य वक्ता से विभिन्न प्रश्न पूछे।

इस सेमिनार ने छात्रों को इस क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में जागरूक किया और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया। सेमिनार के सह-संयोजक डॉ. नरेंद्र कुमार ने मंच के संचालन किया और सभी गतिविधियों को सटीक रूप से प्रस्तुत किया।

प्राध्यापक मनीष कुमार कार्यक्रम सचिव रहे और सेमिनार को सफल बनाने मे महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सेमिनार में डॉ रेखा शर्मा, प्रा. मोनिका शर्मा, डॉ भूपेंद्र सिंह, डॉ राजीव राणा, प्रा. सिम्मी, डॉ दर्शन लाल, डॉ सुभाष शर्मा, प्रो. क्यूट, डॉ गगनदीप कौर, डॉ सुखदेव सिंह, प्रा. शांत कौशिक, डॉ जसमेर और प्रा. शिवानी डावर, डॉ मधु गोयल, डॉ गरिमा सुमरान एवं प्रा. मीना मलिक उपस्थित रहे।

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