शिक्षा विभाग ने तैयार की स्कूलों की लिस्ट, मंत्री महिपाल ढांडा ने दिए कार्रवाई के निर्देश
Chandigarh News (आज समाज) चंडीगढ़: हरियाणा में जिन स्कूलों ने राइट टू एजूकेशन (आरईटी) के तहत प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर ली है। वहीं शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। महिपाल ढांडा गत दिवस चंडीगढ़ में विभाग की एक मीटिंग ले रहे थे। मीटिंग के बाद उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि आरटीई के तहत हरियाणा में सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देना अनिवार्य है।

मान्यता की जा सकती है रद्द

अभी तक 70 प्रतिशत स्कूलों ने उज्जवल पोर्टल के माध्यम से बच्चों की सीटें तय की हैं। बाकी 30 प्रतिशत स्कूलों ने सीटें जल्द तय नहीं की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। अगर स्कूलों ने शिक्षा विभाग के नियमों की पालना नहीं की तो उनके खिलाफ मान्यता रद करने का भी कदम उठाया जा सकता है।

21 अप्रैल तक सभी बच्चों को मिल जाएंगी किताबें

शिक्षा मंत्री महिलपाल ढांडा ने बताया, कि शिक्षा का अधिकार नियम के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की वर्दी के पैसे उनके बैंक खातों में अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक डाल दिए जाएंगे। इन्हीं बच्चों को 21 अप्रैल तक मुफ्त किताबें दे दी जाएंगी। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा आज सिविल सचिवालय में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में आगे से फ्री किताबों में देरी नहीं होने की अधिकारियों को समुचित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

सरकारी स्कूलों में पिछले वर्ष से ज्यादा होंगे दाखिले

चंडीगढ़ में विभाग की एक मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों में 30 अप्रैल तक 2024 में जहां पांचवीं कक्षा में 2 लाख 7 हजार 685 बच्चों का दाखिला हुआ था, वहीं 15 अप्रैल तक 2 लाख 4 हजार 163 बच्चों का दाखिला हो चुका है। 30 अप्रैल तक पिछले वर्ष से ज्यादा दाखिले हो जाएंगे।

प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच की जा रही

हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम 2003 के नियम 158 (6) के तहत प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को किसी एक दुकान से पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी, स्कूल वर्दी खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। इसी तरह से एक्ट 158 (7) के तहत मान्यता प्राप्त स्कूल पांच साल से पहले स्कूल की वर्दी नहीं बदल सकते। अभी तक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर 40 और ई-मेल के माध्यम से 57 शिकायतें की हैं। इन शिकायतों की जांच की जा रही है। अगर स्कूलों की गलती मिली तो कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें : हरियाणा में आज रात से बदलेगा मौसम, बूंदाबांदी की संभावना