Delhi News : प्रदूषण रोकने के नाम पर आप ने किया घोटाला : कांग्रेस

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Delhi News : प्रदूषण रोकने के नाम पर आप ने किया घोटाला : कांग्रेस
Delhi News : प्रदूषण रोकने के नाम पर आप ने किया घोटाला : कांग्रेस

कहा, राजधानी में वायु प्रदूषण बन चुका एक गंभीर समस्या

Delhi News (आज समाज), नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि मंगलवार को विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता ने वायु प्रदूषण को लेकर जो रिपोर्ट पेश की है वह आधी-अधूरी है। जबकि कैग को इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए। जनता को यह जानने का हक है कि आखिरकार प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर आवंटित धन कहां गया। यादव ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण गंभीर संकट बन चुका है, लेकिन दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण पर भाजपा और आम आदमी पार्टी की नाकामी पर गंभीर सवाल उठाए।

वायु प्रदूषण एक विकराल समस्या बन चुका

उन्होंने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण एक विकराल समस्या बन चुका है लेकिन दोनो पार्टियां इस मुददे पर जिम्मेदारी लेने से बच रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नेत्री चर्चा से नदारद रहती है और पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्ली लगातार गायब रहते है। उनकी पार्टी ने अपने घोषणापत्र में भी वायु प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण विषय को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया था, जो यह दशार्ता है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह असंवेदनशील है।

कैग रिपोर्ट में 31 मार्च 2021 तक के आंकड़े

यादव ने कहा कि आज विधानसभा में रखी गई कैग की पिछली रिपोर्ट 31 मार्च 2021 तक के मामलों को दशार्ती है, जिसे केजरीवाल सरकार ने रोकने की कोशिश की। अब राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) को लेकर भी नई कैग रिपोर्ट जारी होनी चाहिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर हुए समस्त घोटालों का खुलासा हो सके।

आप सरकार ने केवल बातें की, काम नहीं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने वादा किया था कि दिल्ली का प्रदूषण एक-तिहाई तक कम कर देंगे और 2 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। लेकिन वास्तविकता यह है कि शीला दीक्षित सरकार (1998-2013) के कार्यकाल में दिल्ली का वन क्षेत्र 1.7 प्रतिशत से बढ़कर 20.08 प्रतिशत हुआ, जबकि केजरीवाल सरकार के 2013-2023 के कार्यकाल में यह वृद्धि केवल 5 प्रतिशत रही और हाल के दो सर्वेक्षणों के अनुसार दिल्ली का वन क्षेत्र घट रहा है। दिल्ली में वन क्षेत्र घटने के लिए भाजपा भी जिम्मेदार है, क्योंकि डीडीए और नगर निगम जैसे संस्थान भाजपा के नियंत्रण में थे।

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