क्रिकेट
आस्ट्रेलिया दौर के लिये ए टीम में नहीं चुने जाने से आहत हुआ था : पंत
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 नयी दिल्ली। अंडर-19 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन और इंडियन प्रीमियर लीग में कुछ अच्छी पारियों से आत्मविश्वास से भरे रिषभ पंत को आस्ट्रेलिया दौरे के लिये भारत ए टीम में जगह बनाने की उम्मीद थी लेकिन जब उन्हें नजरअंदाज किया गया तो वह आहत हुए लेकिन इससे वह बड़े स्कोर खड़ा करने के लिये भी प्रतिबद्ध बने। रिषभ ने 146 रन की पारी से रणजी सत्र की शुरूआत की और फिर 326 गेंदों पर 308 रन की विशाल पारी खेली। वह अब सुनील गावस्कर के उस कथन का अनुसरण कर रहे हैं कि अगर दरवाजा खटखटाने से मदद नहीं मिलती तो खोलने के लिये उसे तोड़ो। रिषभ ने कहा, हां मैं इसका खंडन नहीं करता कि आस्ट्रेलिया दौर के लिये भारत ए टीम में नहीं चुने जाने से मैं आहत नहीं हुआ था। लेकिन तब मुझे लगा कि मुझे ढेर सारे रन बनाने होंगे। इतने रन बनाओ कि कोई नजरअंदाज ही नहीं कर सके। इस सत्र में पंत ने दो मैचों में 454 रन बनाये हैं और उनका औसत 227 है। उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। पंत से पूछा गया कि तिहरे शतक के लिये उनकी क्या रणनीति थी, उन्होंने कहा, कोई खास नहीं। केवल ढीली गेंदों पर ध्यान देना और उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ना। लेकिन 300 रन बनाने के लिये आपको अच्छी गेंदों को भी हिट करना होगा, इस पर पंत ने कहा, वीरू भाई ने 294 रन (श्रीलंका के खिलाफ 254 गेंदों पर बनाये गये 293 रन ) कितनी गेंदों पर बनाये थे। वीरू भाई और एडम गिलक्रिस्ट मेरे आदर्श हैं। मैं विराट भैया की बल्लेबाजी से भी प्रेरित हूं। 

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